जौनपुर

अभी और चढ़ेगा पारा, इतने डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा अधिकतम तापमान

अभी और चढ़ेगा पारा, इतने डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा अधिकतम तापमान
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Updated: 31 May 2018, 1:56 PM IST
Maximum temperature will reach 47 C no relief from heat wave
अभी और चढ़ेगा पारा, इतने डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा अधिकतम तापमान

वाराणसी. मौसम का रूख गर्म है। धूप की तल्खी असहनीय हो गई है। सुबह और शाम तो कुछ गनीमत है। दोपहर होते-होते गर्मी चरम पर पहुंच रही है। बाहर निकलते ही धूप तमाचे की तरह लग रहा है। पूरी बदन कपड़ों से ढकी हुई है। फिर भी राहत नहीं है। खुले में कुछ दूर चलते ही लोगों की हिम्मत टूट जा रही है। कौन आग उगलते मौसम का सामना कर पाएगा। लोग सड़कों पर चलते-चलते छांव की तलाश में भाग रहे हैं। पेड़ों के किनारे या फिर दुकानों में शरण लेने के बाद ही राहत मिल पा रही है। गर्मी ने तो जैसे आफत मचा रखी है। लोगों ने दोपहर के समय घरों से निकलना बंद कर दिया है।

अभी और चढ़ेगा पारा

कहीं आप ये सोच रहे हैं, कि इससे ज्यादा गर्मी क्या होगी? तो आपको बता दें कि, अभी आपको सूर्य देवता से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसमन विभाग के अनुसार, अभी पारा और बढ़ेगा। गुरूवार के दिन 1:30 बजे तक वाराणसी का पारा 39 डिग्री सेल्सियस, जौनपुर का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस, इलाहाबाद 41 डिग्री सेल्सियस, गोरखपुर 39 डिग्री सेल्सियस तो आजमगढ़ 28 डिग्री सेल्सियस मापा गया। वहीं कुछ दिनों में यह पारा बढ़कर अधिकतम तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। तो फिलहाल आपको चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से राहत नहीं मिलेगी।

दिख रहे ऐसे नजारे

नदी किनारे के गांवों के बच्चे तो पानी के साथ जमकर अठखेलियां करते देखे जा रहे हैं। एक सप्ताह से मौसम का नजारा ऐसे ही है। सुबह दस बजे के बाद पारा चढ़ रहा है तो देर शाम तक इसका असर बरकरार है। भीषण गर्मी से लोग अकुला गए हैं। राह चलना हर किसी का दुश्वार है। जरूरी काम से यदि लोग एक ठिकाने से दूसरे ठिकाने पर पहुंच रहे हैं तो मौसम की मार से बचने के लिए काफी समय बिता रहे हैं। हर जुबां पर यही तैर रहा है कि बाहर बेतहाशा धूप है। हालत खराब हो जा रही है। मोटरसाइकिल से दो किमी की यात्रा करना दिन में कठिन हो गया है। बदन झुलस जा रहा है। घरों में भी गर्मी ने हालत खराब कर रखी है। कूलर, पंखे और एसी के सहारे ही जीवन हो गया है। धूप से बचने के लिए लोग बिना काम के बाहर निकलने से परहेज कर रहे है। दफ्तरों में सुबह लोग पहुंच रहे हैं तो शाम तक टिके हुए है। वातानुकूलित वाहन कुछ ही देर के लिए मददगार बन पा रहे है। देर तक धूप में चलने पर वाहन की एसी अपेक्षाकृत काम नहीं कर रही है। जिससे बंद गाड़ी में भी गर्मी का एहसास हो रहा है। प्रचंड गर्मी भूगर्भ का जलस्तर भी घटा रही है।

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