जौनपुर के जलालपुर थानान्तर्गत इतरी गांव के रहने वाले थे जिलाजीत यादव। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में हुए शहीद। आरआर 53 बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे शहीद हुए जिलाजीत यादव।
जौनपुर. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच बुधवार की भोर से चल रही मुठभेड़ में जौनपुर का एक लाल शहीद हो गया है। मुठभेड़म में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को भी मार गिराया है। मुठभेड़ अभी भी जारी है। जवान की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है।
पुलवामा के कमराजीपोरा के एक बाग में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने उन्हें घेरकर उनके खिलाफ आपरेशन शुरू कर दिया। आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। इसी दौरान जौनपुर जिले के जलालपुर थानान्तर्गत इजरी गांव निवासी जिलाजीत यादव (25 वर्ष) पुत्र कांता यादव शहीद हो गए। वह आरआर 53 बटालियान में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि उनके एक साथी को भी गोली लगी है। घटना स्थल से सुरक्षाबलों को घटनास्थल से एक-47, ग्रेनेड के साथ ही अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ है। जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
सुबह जवान की शहादत की खबर जब गांव में परिवार को मिली तो कोहराम मच गया। जानकारी के मुताबिक शहीद जवान जिलाजीत यादव अपने पिता के इकलौते बेटे थे। तीन साल पहले शादी हुई थी। उनका एक साल का बेटा भी है। दो साल पहले शहीद के पिता का निधन हो चुका है। शहादत की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। जिलाजीत की तीन वर्ष पहले शादी हुई थी। उनका एक साल का बेटा भी है। वहीं, शहीद के पिता का दो वर्ष पहले निधन हो गया था। जिलाजीत अपने पिता के इकलौते बेटे थे।
By Javed Ahmad