जौनपुर

जौनपुर में 3 मेधावियों ने UPSC की परीक्षा में मारी बाजी, सेल्फ स्टडी को दिया श्रेय

जौनपुर के तीन मेधावियों को यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल हुई है। तीनों ने अपनी पढ़ाई का श्रेय सेल्फ स्टडी को दिया है। इसके साथ ही तीनों के घर बधाइयों का दौर जारी है...

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Mar 06, 2026
pc-patrika

जौनपुर: यूपीएससी की सिविल सर्विसेज का रिजल्ट जारी हो गया है। ऐसे में देश को कई होनहार अधिकारी मिलने वाले हैं। वहीं, जौनपुर से तीन लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने इस कठिन परीक्षा को पास किया है और अब देश सेवा के लिए प्रशासनिक अमले में शामिल होने वाले हैं। तीनों ने सेल्फ स्टडी और अपने विद्यालय में पढ़ाई गई प्रारंभिक शिक्षा व शिक्षकों को इसका श्रेय दिया है।

यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। जौनपुर जिले से इस परीक्षा में तीन लोगों ने बाजी मारी है। जिले में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत अतुल सिंह, उनके अलावा शुभम सिंह और आदित्य सिंह को इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल हुई है। तीनों अब देश सेवा के लिए प्रशासनिक सेवा में शामिल होंगे।

आदित्य ने शिक्षकों को दिया श्रेय

आदित्य सिंह को 508 सी रैंक मिली है और उन्होंने इसका श्रेय अपने विद्यालय के शिक्षकों को दिया है। जानकारी होने के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य बाबू जी भोलानाथ सिंह समेत अन्य शिक्षक उनसे मिले और उन्हें शुभकामनाएं दीं। आदित्य ने कहा है कि वह प्रशासनिक सेवा में रहते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देंगे। इसके साथ ही अन्य छात्रों को भी प्रेरित करेंगे।

नायब तहसीलदार का भी हुआ चयन

वहीं, सिकरारा ब्लाक में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत अतुल सिंह का भी चयन संघ लोक सेवा आयोग की इस परीक्षा में हुआ है। उन्हें 697वीं रैंक मिली है। इसके बाद जिले के कई अधिकारी उन्हें बधाई देने उनके दफ्तर पहुंचे। अतुल सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, अपने गुरुजनों और सेल्फ स्टडी को दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में लगे होने के बावजूद वह समय निकालकर इसकी तैयारी करते रहे और एक दिन ऐसा आया जब सफलता खुद उनके पास चलकर आई।

सोशल ऑडिटर के बेटे ने मारी बाजी

देवपुर गांव के शुभम सिंह चंदेल को भी इस परीक्षा में 378वीं रैंक मिली है, जिसके बाद क्षेत्र में खुशी की लहर है। शुभम सिकरारा ब्लाक में कार्यरत सोशल ऑडिटर दीनानाथ सिंह के बेटे हैं। शुभम के चयन के बाद उनके पिता ने उन्हें सलामी देकर खुशी का इजहार किया। परिवार और गांव के लोगों का कहना है कि शुभम बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल थे और प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते थे। फिलहाल, शुभम के घर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

Published on:
06 Mar 2026 08:30 pm
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