mp news: आयुष कार्यालय में पदस्थ महिला कर्मचारी के पति को लोकायुक्त की टीम ने चौराहे पर फरियादी से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।
mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले का है जहां इंदौर लोकायुक्त की टीम ने एक महिला कर्मचारी के पति को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। महिला कर्मचारी अपने पति के जरिए रिश्वत की रकम ले रही थी।
झाबुआ में जिला आयुष कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 रत्नाप्रेम पंवार के खिलाफ इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में रिटायर्ड कर्मचारी कमल सिंह ठाकुर ने 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी कमल सिंह ने बताया कि वो शासकीय आयुर्वेद औषधालय पेटलावद में कंपाउंडर के पद पर पदस्थ थे और 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान के लाभ के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। इन बिलों को तैयार करने और कोषालय (ट्रेजरी) से राशि निकलवाने के बदले में आयुष विभाग में सहायक ग्रेड-2 रत्नाप्रेम पंवार ने 12,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी और बाद में सौदा 10 हजार रुपये पर तय हुआ।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये फरियादी को रिश्वतखोर महिला कर्मचारी रत्नाप्रेम पंवार के पास भेजा। महिला कर्मचारी ने रिश्वत की रकम राजगढ़ नाके पर अपने पति नरेन्द्र पंवार को देने की बात कही और जैसे ही नरेंद्र पवार ने राजगढ़ नाके पर आवेदक कमल सिंह ठाकुर से 10,000 रुपए लिए वैसे ही पहले से मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उसे पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए रत्नाप्रेम पंवार और उनके पति नरेंद्र पंवार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया। कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया के साथ आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, मनीष माथुर, कमलेश तिवारी और इंदौर पुलिस लाइन की महिला आरक्षक पूजा तोमर एवं जान्हवी सेंगर शामिल रहीं।