
Jhabua News :मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के अंतर्गत आने वाली राणापुर तहसील के ग्राम समोई में शुक्रवार को एक विशाल अजगर के दिखाई देने से ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया। खेत की मेड़ पर बनी खोह में कुंडली मारकर बैठा अजगर कुछ ही देर पहले एक जंगली लोमड़ी का शिकार कर उसे निगल चुका था। शिकार के कारण उसका पेट पूरी तरह फूल गया था और वो सुस्त अवस्था में खोह के भीतर आराम कर रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे नल्दी के घने जंगल में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम समोई निवासी किसान अनसिंह कालिया हटिला रोज की तरह अपने खेत पहुंचे थे। इसी दौरान मेड़ के पास स्थित एक खोह में हलचल दिखाई दी। पास जाकर देखा तो भीतर एक भारी-भरकम अजगर कुंडली मारकर बैठा था। उसके उभरे हुए पेट से अंदाजा लगाया गया कि उसने हाल ही में एक लोमड़ी का शिकार कर उसे निगला है। यह नजारा देखते ही आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई, लेकिन उन्होंने समझदारी का परिचय देते हुए अजगर को छेडऩे के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही डीएफओ भारत सोलंकी के निर्देश पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम तत्काल गांव पहुंची। टीम में वनपाल इरफान खान, वनरक्षक रंजन मेड़ा और वाहन चालक रेवन अजनार शामिल थे। लोमड़ी को निगलने के कारण अजगर का वजन काफी बढ़ गया था, जिससे उसे संकरी खोह से बाहर निकालना आसान नहीं था। वनकर्मियों ने सावधानी और धैर्य के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया और बिना किसी नुकसान के अजगर को बाहर निकालकर बोरे में सुरक्षित रखा। इसके बाद उसे गांव से दूर नल्दी के घने जंगल में प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
झाबुआ डीएफओ भारत सोलंकी क अनुसार, ग्रामीणों ने वन्यजीव को नुकसान पहुंचाने के बजाय समय पर सूचना देकर सराहनीय उदाहरण पेश किया है। खेतों या आबादी वाले क्षेत्रों में सांप, अजगर, तेंदुआ या अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर स्वयं कोई जोखिम न उठाएं, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।