झालावाड़

11 हजार लीटर दूध से सांवलपुरा देवनारायण मंदिर की नींव भरी, घी, दही भी डाला

भव्य मंदिर निर्माण की शुरूआत
2 min read
• •
Updated: 26 Dec 2020, 9:50 PM IST
11 thousand liters of milk filled the foundation of Sanwalpura Devnara
11 हजार लीटर दूध से सांवलपुरा देवनारायण मंदिर की नींव भरी, घी, दही भी डाला,11 हजार लीटर दूध से सांवलपुरा देवनारायण मंदिर की नींव भरी, घी, दही भी डाला


रटलाई (झालावाड़) जिले के रटलाई कस्बे के निकट गांव सांवलपुरा देवनारायण के मंदिर निर्माण में क्षेत्र के कई लोगों ने शनिवार को दूधए घी एवं दही एकत्रित कर नींव भराई की। इस नींव में करीब 11 हजार लीटर दूध डाला गया।
इससे पहले देवनारायण समिति के अध्यक्ष कालूलाल गुर्जर एवं उपसरपंच धर्मवीर गुर्जर ने कस्बे के खेरिया मार्ग से दीप प्रज्ज्वलित कर शोभयात्रा की शुरुआत की। शोभयात्रा सांवलपुरा देवनारायण के स्थान पर पहुंची। इस दौरान समाज के लोगों ने इसमें उत्साह से दान किया। विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इसके बाद देवनारायण मंदिर की नींव भराई के लिए क्षेत्र के सैकड़ों लोगों के सहयोग से एक टैंकर दूध मंगवाया। साथ ही आसपास के ग्रामीण भी दूधए दही एवं घी आदि लेकर पहुंचे और नींव में डाला। समिति के रामलाल गुर्जर ने बताया कि करीब 11 हजार लीटर दूध एवं कई किलो घी व दही का प्रयोग मंदिर की नींव में श्रद्धा से किया गया।
भव्य मंदिर निर्माण की शुरूआत
सांवलपुरा में देवनारायण मंदिर निर्माण को देवधाम के रूप में पहचान दिलाने के लिए समिति एवं क्षेत्र के लोगों के द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। समिति के द्वारा भव्य मंदिर निर्माण के लिए कार्य युद्ध स्तर पर जारी है । समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर को भव्य लुक देने के लिए कई प्रकार के जानकारों से सलाह ली जा रही।
फैक्ट फाईल-
देवनारायण मंदिर
.मंदिर निर्माण समिति की पहली बैठक नवम्बर 2019में हुई थी ।
.मंदिर की नींव में लोगों के सहयोग से करीब 11 हजार दूध डाला गया ।
.मंदिर निर्माण की नींव में करीब 51 लीटर घी का उपयोग।
.मंदिर की नींव में करीब 400लीटर दही का उपयोग हुआ
.मंदिर का आकार करीब 4352 वर्गफीट 66 गुना 66 का आकार इसका शिखर करीब 81 फीट ऊंचा होगा जिस पर ध्वज पताका लगेगी ।
.मंदिर निर्माण की प्रक्रिया करीब नवम्बर 2019 से बैठकों के रूप में हुई ।
.मंदिर निर्माण पूरा होने में करीब 2 वर्ष का लगेगा ।
.मंदिर की लागत करीब 1 करोड़ रूपये से अधिक की लागत की संभावना।
.मंदिर में सहयोग क्षेत्र के कई लोगों व भामाशाह के द्वारा निर्माण होगा।
.इस मंदिर की नींव में लोगों के द्वारा दूधएदही एवं घी डालने के लिए इस कार्यक्रम में सर्वसमाज के करीब 500 से अधिक लोग शामिल हुए ।
.मंदिर परिसर को पर्यटन के लिए विकसित करने के लिए करीब 8 से 10 बीघा जमीन में गार्डन एवं कई प्रकार के पौधे लगाकर सुंदर बनाया जाने की योजना भी है ।
.मंदिर निर्माण समिति में करीब 22 जनों की समिति है ।


रिपोर्ट लालचन्द सुमन, रटलाई

Published on: