पिछले दिनों आई भारी बारिश और बाढ़ से तबाही
झालावाड़. झालावाड़ जिले में पिछले दिनों आई भारी बारिश और बाढ़ के कारण काफी तबाही मची थी। अतिवृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जिले में अतिवृष्टि से 150 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान अन्नदाताओं को हुआ है। जिले में 100 करोड़ की फसलें चौपट हो गई है। जिले में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट मंगलवार को तैयारी की जा रही थी। समूचे जिले की रिपोर्ट संकलित कर एक-दो दिन में सरकार को भेजे जाने की संभावना है। जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा ने बताया कि पोर्टल पर नुकसान के डाटा भरने के लिए ऑप्शन सोमवार से ही चालू किया गया है। जिले के पटवारियों ने ऑफ लाइन नुकसान के डाटा तैयार कर लिए हैं। सोमवार को दिनभर डाटा भरने का काम किया गया है। जिले में अतिवृष्टि से कुल कितना नुकसान हुआ है, इसकी अंतिम रिपोर्ट मंगवलार दोपहर तक तैयार हो जाएगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि कुल कितना नुकसान हुआ है। मोटे तौर पर अब तक की जानकारी के मुताबिक नुकसान का आंकलन 150 करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को नुकसान की रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर सरकार को प्रेषित कर दिया जाएगा। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को हुआ है। करीब 100 करोड़ की फसलें चौपट हो गई हैं। कृषि विभाग का मोटे तौर पर जिले में करीब 60 हजार हैक्टेयर में फसलें खराब होने का अनुमान है। कृषि विभाग कोटा खण्ड के संयुक्त निदेशक डा. रामावतार शर्मा ने बताया कि झलावाड़ जिले की खानपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
अकलेरा, रायपुर, पिड़ावा, सुनेल, बकानी, डग, मनोहरथाना, पचपहाड़, गंगधार, झालरापाटन व असनावर तहसील में करीब 60 हजार हैक्टेयर में अनुमानित फसल खराबा हुआ है। कृषि खण्ड झालावाड़ के उप निदेशक केसी मीना ने बताया कि जिले में पांच फीसदी से लेकर 70 फीसदी तक नुकसान हुआ है। मौसम साफ होने से खेतों में पानी सूख गया है। इस कारण फसलें रिकवर हो गई है। नदियों, तालाब के आसपास के खेतों और जल भराव वाले खेतों में अधिक नुकसान हुआ है। बीमा कम्पनियों की ओर से किसानों के फसल बीमा येाजना में व्यक्तिगत फार्म भी भरवा रहा हैं। समूचे पटवार मण्डल में नुकसान का गिरदावरी सर्वे चल रहा है। जिले में अतिवृष्टि के बाद पिछले दिनों केन्द्रीय दल ने भी दौराकर खराबे की जानकारी ली थी और टीम ने भी जिले में फसलों, मकानों, सड़क, पुलिया आदि को व्यापक नुकसान होना माना था। केन्द्रीय दल ने झालावाड़ के साथ कोटा, बारां तथा बूंदी जिले का भी सर्वे किया था। केन्द्रीय दल अपनी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को सौंपेगा।