
झालावाड़. राजस्थान उच्च शिक्षा विभाग में अस्थाई टीचिंग एसोसिएट की भर्ती योजना ने हजारों विद्या संबल सहायक आचार्यों के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है। राज्य सरकार पिछले पांच वर्षों से कॉलेजों में कार्यरत विद्या संबल सहायक आचार्यों को हटाकर पांच साल के लिए अस्थाई टीचिंग एसोसिएट नियुक्त करने जा रही है। इस निर्णय के विरोध में विद्या संबल सहायक आचार्य संघ, राजस्थान के आह्वान पर पूरे प्रदेश में विद्या संबल सहायक आचार्यों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र सिंह यादव ने बताया कि 2021 से उच्च शिक्षा विभाग में विद्या संबल योजना के तहत गैस्ट फैकल्टी के रूप में सहायक आचार्यों की नियुक्ति की गई थी। ये आचार्य यूजीसी के नियमानुसार एपीआई स्कोर और मैरिट के आधार पर चयनित हुए थे। अब सरकार इन्हें बेरोजगार कर एक लिखित परीक्षा के माध्यम से टीचिंग एसोसिएट नियुक्त करने की तैयारी में है, जिन्हें मासिक 28850 रुपए वेतन दिया जाएगा। डॉ. यादव ने आरोप लगाया कि यह भर्ती उच्च न्यायालय, राजस्थान के राज्य सरकार बनाम राम चतुर्वेदी वाद (903/2023) के आदेशों की सीधी अवमानना है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि विद्या संबल सहायक आचार्यों को केवल स्थाई फैकल्टी से ही बदला जा सकता है, अस्थाई से नहीं।
संघ ने सवाल उठाया कि सरकार पांच सालों से ईमानदारी से काम कर रहे शिक्षकों का शोषण कर रही है, जिनमें से कई साथी अब ओवर-एज हो चुके हैं। उन्होंने हरियाणा और मध्यप्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इसी तरह के शिक्षकों को सेवा की सुनिश्चितता और रोजगार गारंटी प्रदान की गई है। संघ की मांग है कि कार्यरत विद्या संबल सहायक आचार्यों को स्क्रीनिंग के माध्यम से समायोजित किया जाए और बचे हुए पदों पर ही स्थाई भर्ती निकाली जाए। संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. उपदेश शर्मा ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
सरकार पांच साल से सरकारी कॉलेज में सेवाएं दे रहे विद्या संबल सहायक आचायोZं को हटाकर उनका शोषण कर रही है। कई कॉलेजों में पूरी व्यवस्थाएं पांच साल से विद्या संबंल के सहायक आचार्य ही संभाल रहे हैँ। ऐसे में अब उन्हे हटाना गलत हैं। सरकार को उन्हे इस भर्ती में समायोजित करना चाहिए।
Updated on:
4 May 2026, 8:16 PM IST
Published on:
4 May 2026, 8:15 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.