
झालावाड़। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में निवेशकों को लुभाने के लिए इन्वेस्ट समिट का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में नए सिरे से औद्योगिक माहौल बन रहा है। इसके चलते नए निवेशक प्रदेश में निवेश की मंशा जाहिर कर रहे हैं। अखिल भारतीय स्तर पर देशभर के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेशकों की पसंद और औद्योगिक क्षेत्रों में दी जा रही सुविधाओं को लेकर रैंकिंग जारी की है। इसमें प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों को श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर चयन किया गया है। इसमें झालावाड़ के औद्योगिक क्षेत्र चन्द्रावती ग्रोथ सेन्टर भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी जगह बनाई है। उद्यमी यहां की सुविधाओं से खुश है। उधर झालावाड़ जिले के चार उपखण्ड क्षेत्र मनोहरथाना, पिड़ावा, गंगधार एवं खानपुर में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जाएगी। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली है।
बेस्ट इण्डस्ट्रीयल जोन
इण्डस्ट्रीयल पार्क रेटिंग सिस्टम 2.0 ने औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों और निवेशकों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के आधार पर रेटिंग जारी की है। इसमें अलग-अलग श्रेणी में प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपनी जगह बनाई है। कोटा संभाग में झालावाड़ का चन्द्रावती ग्रोथ सेन्टर और कोटा का इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र ने जगह बनाई है।
चार उपखण्ड में औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन चिह्नित
राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के प्रत्येक उपखण्ड क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की बजट घोषणा की थी। औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का जिम्मा रीको को सौंपा गया है। जिले में झालावाड़, भवानीमंडी, व अकलेरा उपखण्ड में पहले से ही औद्योगिक क्षेत्र स्थापित है तथा शेष पांच उपखण्डों में से मनोहरथाना, पिड़ावा, गंगधार व खानपुर में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। असनावर उपखण्ड में भूमि चिह्निकरण का कार्य प्रगति पर चल रहा है। गंगाधार उखण्ड में भूमि को आरक्षित कर रीको प्रबंधन ने इसी पिछले सप्ताह जिला कलक्टर को पत्र प्रेषित कर दिया है।
यहां आएगी औद्योगिक खुशी
- गंगाधार उपखण्ड में तीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए उमरिया में 57.19 हैक्टेयर, कुण्डिया में 41.01 हैक्टेयर तथा धतुरिया में 53.02 हैक्टेयर राजकीय भूमि को आरक्षित करने के लिए रीको प्रबंधन ने जिला कलक्टर को पत्र लिखा गया है।
जिले में 10 औद्योगिक क्षेत्र
जिले में 10 औद्योगिक क्षेत्र है, जिसमें से सात स्थानों पर रीको की ओर से भूमि अवाप्त कर औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए गए हैं। तथा तीन औद्योगिक क्षेत्र राज्य सरकार के उद्योग विभाग की ओर से वर्ष 1983 में हस्तान्तरित किए गए थे। इस जिले में एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र चन्द्रावती ग्रोथ सेन्टर केन्द्र सरकार की सहायता से विकसित किया गया है। जिल में औद्योगिक के लिए 839.12 एकड़ भूमि अवाप्त, आवंटित हुई है। जिस पर 1185 औद्योगिक भूखण्ड नियोजित किए गए हैं।
1100 लोगों को मिला रोजगार
धानोदी में चार वृहद् श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों में से तीन औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है। जिनमें करीब 1100 लोगों को सीधा रोजागर उपलब्ध है। एवं 1030 करोड़ का निवेश हुआ है।
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आईपीआरएस की रेटिंग में ग्रोथ सेन्टर भी बेस्ट प्लेटफार्म इण्डस्ट्रीयल एरिया में शामिल हुआ है। सभी उपखण्ड क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। जिले में औद्योगिक विकास और निवेश की विपुल संभावनाएं है। निवेश के लिए बेहतर ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध है। एम.के. शर्मा वरिष्ठ उप महाप्रबंधक रीको झालावाड़