झालावाड़ में दशहरा उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के राडी के बालाजी मैदान में 51 फीट ऊंचे रावण दहन की तैयारी की जा रही है। रावण का पुतला बांरा जिले के छीपाबड़ौद के कारीगरों ने बनाया है। पुतले को सोने का मुकुट पहनाया गया है और इसमें ढाल व तलवार चलाने की व्यवस्था की गई है।
झालावाड़. अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व दशहरा मंगलवार को धूमधाम से मनाया जाता है। इस मौके पर जगह-जगह रावण दहन होंगे।
शहर में राडी के बालाजी मैदान पर दशहरा उत्सव मनाया जाता है। बांरा जिले के छीपाबड़ौद के कारीगरों ने रावण के पुतले बनाए हैं। मुस्लिम परिवारों के पीढ़ी-दर-पीढ़ी कारीगर हर साल झालावाड़ पहुंचकर पुतलों को आकार देते हैं।
छीपाबड़ौद के नौशाद पिछले 20 साल से झालावाड़ आ रहे और दशहरे पर पुतले का निर्माण कर रहे हैं। पत्रिका से बातचीत में नौशाद ने बताया कि वे अपने परिवार में तीसरी पीढ़ी हैं,जो दशहरा पर पुतले को तैयार कर रहे हैं। नौशाद के पिता भी वर्षों तक झालावाड़ में दशहरे पर पुतले को तैयार कर चुके हैं।
शहर के राडी के बालाजी प्रांगण में शाम 7 बजे रावण दहन होगा। नगर परिषद आयुक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी संतोष कुमार मीणा होंगे।
इस दौरान राम बारात आएगी। भगवान राम द्वारा रावण के पेट में तीर चलाकर औपचारिक शुरुआत की जाएगी, उसके बाद रावण का दहन होगा।
प्रशासन ने की तैयारी
कोतवाली सीआई भूरीसिंह ने बताया कि शाम को दशहरा मेला भरने के दौरान जाम की स्थिति पैदा नहीं हो इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। यातायात व्यवस्था के लिए बड़े बाजार, सीमेंट, चौथमाता मंदिर आदि जगह पर्याप्त जाप्ता लगाया गया है। रावण देने के बाद चौपहिया वाहनों को दुर्गपुरा रोड से निकाला जाएगा। लोगों से अपील है कि अपने साधन पार्किंग में व्यवस्थित लगाएं।
ढाल व तलवार चलाएगा रावण
51 फीट का रावण बनाया गया है, रावण का लागत 59 हजार थी, वहीं इस बार 85 हजार तक पहुंच गई है। रावण सोने का मुकुट है, जब रावण दहन होगा तो रावण ढाल चलाएगा, चकरी व तलवार घुमाएगा। इसके बाद बाहर तोप व शोरगरों द्वारा रंग-बिरेंगी अतिशबाजी की जाएगी, जो आसमान में अलग ही आकृतियां बनाएगी।
रावण दहन मंगलवार शाम 7 बजे होगा
इस दौरान राम बारात भी निकाली जाएगी। भगवान राम द्वारा रावण के पेट में तीर चलाकर औपचारिक शुरुआत की जाएगी, उसके बाद रावण का दहन होगा।