राजस्थान पत्रिका बनी किसानों की आवाज, खारिज दावों को स्वीकारा
झालावाड़. जिले में अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का नियमानुसार मुआवजा व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। जिस पटवार मण्डल में 50 प्रतिशत से कम फसल उत्पादन की संभावना है, वहां बीमित किसानों को तात्कालीक राहत राशि प्रदान की जाएगी। राजस्थान पत्रिका में खेतों में गए बिना ही किसानों की फसल खराबे के दावों को खारिज करने का मामला प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद जिला प्रशासन और कृषि विभाग में हड़कम्प मच गया। जिले के सात हजार 757 किसानों के फसल खराबे के दावे को तत्काल स्वीकार कर लिया है।
कृषि विस्तार उप निदेशक कैलाशचंद मीणा ने बताया कि खराबे का इंटीमेशन (सूचना) सूचना बीमा कम्पनी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस को ऑनलाइन 3351 व ऑफ लाइन 3196 कुल 6547 आवेदन प्राप्त हुए थे। बीमा कम्पनी दुबारा इसमें से 3948 इटीमेशन योजना के तहत दिए गए समय सीमा में नहीं होने का कारण बताकर निरस्त किए थे। उन्हें संभागीय आयुक्त के निर्देश पर पुन: स्वीकार कर सर्वे किया जा रहा है। शिविर लगाकर प्रभावित 1210 किसानों के ओर इंटीमेशन प्राप्त किए,जो पूर्व में नहीं दे सके। कुल इंटीमेशन प्राप्ति 7757 के विरूद्ध अभी तक 4280 किसानों का सर्वे पूरा कर लिया है। शेष सर्वे आगामी चार दिन में पूरा कर लिया जाएगा। ऐसे पटवार मण्डल जिसमें संसुचित फसल का उत्पादन पटवार मंडल के औसत उत्पादन से 50 प्रतिशत से कम रहने की संभावना है, उसे चिह्नित कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधान 21.4 मिड सीजन एडवेसिटी के तहत नोटिफाइड कराने की कार्रवाई जिला कलक्टर की अधक्षता वाले जिला स्तरीय प्रबंधन कमेटी के समक्ष प्रस्तुकर राज्य रकार का प्रेषित करने की कार्रवाई की जा रही है। इस प्रावधान के अंतर्गत ऐसे नोटिफाइड पटवार मंडल में संसुचित फसल के सभी बीमित किसानों को तत्कालीन सहायता देने का प्रावधान है।कृषि विभाग व बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम खेतों में जाकर नुकसान का सर्वे कर रही है। सर्वे का कार्य जोरों पर किया जा रहा है। आगामी चार दिन में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जिस पटवार मण्डल में अतिवृष्टि के कारण पचास प्रतिशत से कम उत्पादन की संभावना है। वहां ों को तत्काल 25 प्रतिशत की राहत राशि दी जाएगी। इसके बाद फसल कटिंग पर उत्पादन के आधार पर राहत राशि दी जाएगी।