झालावाड़

DSO Jhalawar…अधिकारियों की लापरवाही से 80 क्विंटल चीनी हो गई खराब

. गोदाम में खराब हो गई चीनी. चासनी बनकर बहने लगी. 8 हजार अन्त्योदय परिवारों को बांटी जा सकती थी राशन की चीनी

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DSO Jhalawar...अधिकारियों की लापरवाही से 80 क्विंटल चीनी हो गई खराब

झालावाड़। जिला रसद विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में बांटी जाने वाली 80 क्विंटल से अधिक चीनी खराब हो गई है। वितरण नहीं होने से गोदाम में खराब हो गई है। स्थिति यह है कि चीनी की चासनी बनकर गोदाम से बाहर तक बहने लग गई। झालावाड़ जिला रसद विभाग के रिकार्ड में चीनी का स्टॉक दर्शाया जा रहा थाए लेकिन उचित मूल्य की दुकानों पर चीनी का वितरण नहीं हो रहा था। अधिकारी भी चीनी के स्टॉक के बारे में जानकारी देने से बचते रहे। उपभोक्ताओं की शिकायत पर पत्रिका टीम तहकीकात की तो सामने आया कि 80 क्विंटल से अधिक चीनी भवानीमंडी में एक गोदाम में ढाई साल से चीनी पड़ी हुई है। अधिकारियों ने वितरण नहीं किया। चीनी पूरी तरह खराब हो चुकी है। यदि यह चीनी वितरित की जाती तो 8 हजार कार्डधारकों को सस्ती चीनी मिल सकती थी। सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों रसद विभाग ने चीनी की गुणवत्ता की जांच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम से करवाई थी। इसमें टीम की रिपोर्ट में चीनी का खाने योग्य नहीं माना है। चीनी की आपूर्तिकर्ता संवेदक का कहना है कि रसद विभाग को 31 पत्र लिख चुके हैंए लेकिन कोई अधिकारी निस्तारण के लिए तैयार नहीं है। गोदाम में सीलन आने के कारण चीनी की चासनी बनकर बह रही है। केन्द्र सरकार के आदेश के तहत उचित मूल्य की दुकानों पर केवल अन्त्योदय परिवारों को ही सस्ती दर पर चीनी का वितरण किया जाता है। चीनी वितरण की दर 18 रुपए प्रति किलो निर्धारित है। जबकि बाजार में चीनी 38 से 40 रुपए किलो है। राजस्थान राज्य खाद्य निगम आपूर्ति निगम की झालावाड़ की प्रबंधक प्रियंका सैनी का कहना है कि भवानीमंडी के गोदाम में रखी चीनी की गुणवत्ता की जांच करवा ली है। इसमें मानव क्या पशुओं के खाने योग्य भी नहीं माना गया है। मुख्यालय को चीनी के निस्तारण के लिए पत्र लिखा जा चुका है। इसका वितरण क्यों नहीं हुआ। इसकी जानकारी नहीं है।

Published on:
29 Jul 2021 08:09 pm
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