झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में एक अत्यंत दुर्लभ बीमारी लंबर हर्निया का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है
पूरे विश्व में इसके अब तक केवल 300 मामले हुए हैं रिपोर्ट
झालावाड़। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में एक अत्यंत दुर्लभ बीमारी लंबर हर्निया का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह बीमारी इतनी दुर्लभ है कि पूरे विश्व में अब तक इसके मात्र लगभग 300 ही मामले रिपोर्ट किए गए हैं। बहुत कम सर्जन अपने पूरे कार्यकाल में इस प्रकार का हर्निया देख पाते हैं। इस केस को सजर्री की राष्ट्रीय कांफ्रेंस में प्रस्तुत किया जाएगा।
सर्जरी विभाग के कार्यवाहक विभागाध्यक्ष डॉ. हुकमचंद मीणा एवं एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.राजन नंदा के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने 58 वर्षीय महिला मरीज का सफल ऑपरेशन किया। मरीज अकलेरा क्षेत्र के गदिया जयमल गांव की निवासी है, उसकी कमर पर लंबे समय से गिठान थी। इस कारण उसे असहनीय दर्द बना रहता था। परिजनों ने पहले महिला को अकलेरा सैटेलाइट अस्पताल में दिखाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने बीमारी की गंभीरता को देखते हुए मरीज को झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ सर्जन को दिखाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन महिला को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां सर्जरी विभाग में डा. हुकमचंद मीणा ने उसकी जांच की।
जांच में मीणा ने पाया कि मरीज लंबर हर्निया से पीडि़त है, जो एक अत्यंत दुर्लभ प्रकार का हर्निया है। इस बीमारी में कमर की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे पेट की दीवार के अंदरूनी अंग थैलीनुमा संरचना के रूप में बाहर की ओर उभर आते हैं। मरीज की स्थिति को देखते हुए परिजनों को उसके ऑपरेशन की सलाह दी गई। इसके बाद डा. मीणा के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सफ ल शल्यक्रि या की। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है।
कार्यवाहक विभागाध्यक्ष डॉ.हुकमचंद मीणा ने बताया कि इस दुर्लभ ऑपरेशन से संबंधित शोध पत्र एवं पोस्टर को इस वर्ष अहमदाबाद में आयोजित होने वाली सर्जरी की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस एएसआईकॉन में प्रस्तुत किया जाएगा।