- जिले में 201 बेटियां फरोर्ट भरते हुए जाएंगी कॉलेज
झालावाड़ शिक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाली वीरबाला कालीबाई की शहादत को सलाम करने के लिए प्रदेश सरकार ने कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण स्कूटी योजना में इस बार व्यापक बदलाव किए है। इस बार बेटियों को निधाZरित प्रक्रिया पूरी करने पर स्कूटी की चाबियों से पहले ई-रुपी की ओटीपी मिलेगा। छात्राएं इस क्यूआर कोड को लेकर जिले के सबंधित वाहन डीलर के पास जाकर अपनी मनपंसद की स्कूटी क्रय कर पाएगी। सरकार की ओर से तय राशि सीधे डीलर के खाते में जाएगी। यदि बेटी महंगा मॉडल लेती है, ताे अंतर की राशि उन्हे केश देनी होगी। इस वर्ष दसवीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा ्प्राप्त कर रही विभिन्न वगोर् की झालावाड़ जिले में करीब दौ से अधिक वहीं प्रदेशभर में कुल 11361 बेटियों को ई-रुपी की सौगात दी जाएगी।
यह दस्तावेज आयुक्तालय में जमा करवाए-
पात्र छात्राओं के नोडल केन्द्र राजकीय कन्या महाविद्यालय झालावाड़ की ओर से आवेदन पत्र की प्रति,12वीं की अंकतालिका, प्रथम वर्ष में अध्ययनरत की आईडी, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासप्रमाण पत्र, छह माह में बना आय प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज व मोबाइल नंबर अपडेशन की पुष्टि पत्र एवं साथ में 50 रुपएके स्टाम्प पर शपथ पत्र 10 वीं कक्षा की उत्तीण मार्क शीट सहित अलग-अलग योजनाओं में पात्र बेटियों के उसी हिसाब से पूरे दस्तावेज कॉलेज आयुक्तालय में 18 जुलाई को जमा करवा दिए गए है।
वाहन का बीमा होगा-
परिवहन नियमों के अनुसार छात्राओं को दिए जाने वाले वाहन एवं वाहन चालक का बीमा भी होगा।इसके लिए छात्राओं को आधार कार्ड की प्रति, अव्यस्क होने पर माता-पिता के आधार कार्ड की प्रति भी साथ ले जाना होगा।
स्कूटी योजना वर्ष 2021-22 : फैक्ट फाइल
- 11279 बेटियां स्कूल के लिए हुई पात्र
- 68370रुपए का ई-रुपी मिलेग प्रत्येक छात्रा को
- 81250 रुपए प्रत्येक दिव्यांग छात्रा के लिए बजट तय
- 6 करोड़ 66 लाख ढ़ाई हजार रुपए का बजट तय
झालावाड़ में इतनी बेटियां पात्र
उच्च शिक्षा- 191
माध्यमिक शिक्षा-10
देवनारायण योजना में पात्र छात्राएं-39
कालीबाई भील मेधावी योजना-़162
बालिकाओं को राहत-
इस बार राज्य सरकार ने योजना में काफी बदलाव किया है।ई-रुपी बाउचर के माध्यम से बालिकाओं को क्यूआर कोड भेजा जाएगा।उसे स्कैन करते ही राशि सीधे डीलर के खाते में चली जाएगी। जो स्कूटी दी जा रही है अगर कोई बालिका उससे महंगी या अपनी मनपसंद की स्कूटी लेना चाहती है, तो अतिरिक्त राशि सीधे डीलर को देकर ले सकेगी।
दस्तावेज आयुक्तालय में जमा-
बालिकाओं के सभी आवश्यक दस्तावेज आयुक्तालय में जमा करवा दिए गए है। अब स्कूटी के वितरण के राज्य सरकार से निर्देश आने के बाद ही करवाई जाएगी।
अजय मीणा, जिला नोडल अधिकारी स्कूटी योजना,राजकीय कन्या महाविद्यालय,झालावाड़।