- अकलेरा व पिड़ावा तहसील के चार गांव के किसानों का रेकॉर्ड गायब
एक्सक्लूसिव
हरिसिंह गुर्जर
झालावाड़.प्रदेश की कई तहसीलों को ऑनलाइन कर दिया गया है। ऑनलाइन हुई तहसीलों की एक-एक इंच जमीन इन्टरनेट पर दर्ज की जा चुकी हैं। ऑनलाइन तहसीलों की किसानों को मोबाइल पर ही ऑनलाइन भूमि सम्बन्धी सभी जानकारी मिल रही है। काश्तकारों को अपनी भूमि की जमाबंदी, गिरदावरी,नक्शा आदि देखने के लिए पटवारियों के पास चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। लेकिन झालावाड़ जिले के चार गांव अभी भी ऐसे है जिनका राजस्व विभाग के पास कोई रेकॉर्ड ही नहीं होने से किसानों को नकल से लेकर राजस्व संबंधी हर काम के लिए इधर-उधर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। किसान जिले से लेकर राजधानी तक अधिकारियों व राजनेताओं की हाथाजोड़ी कर चुके हैं। लेकिन उनकी समस्या का अभी तक कोई समाधान नहीं निकाल पाए है। हालांकि झालावाड़ जिले की सभी 12 तहसीलों को ऑनलाइन किया जा चुका है। लेकिन अकलेरा व पिड़ावा तहसील के चार गांव अभी भी ऑनलाइन से कौसो दूर है। ऐसे में किसान दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
इन कामों में आ रही किसानों को परेशानी-
जिले की अकलेरा तहसील के गांव मदनपुरिया, कालियाखेड़ी तथा पिड़ावा तहसील के शेरपुर, मूंडला जागीर गांवों के किसानों को तहसीलों की भूमि सम्बन्धी जमाबंदी,नक्शे, खसरा नम्बर, खेतों की रास्तों से दूरी, ऐतिहासिक दस्तावेज, लोकेशन, नामांतकरण सम्बन्धी आदि की जानकारी नक्शे व रेकॉर्ड गायब होने से नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बैंकों व राजस्व संबंधी कोई काम नहीं हो पा रहा है। किसान झालावाड़ में जिला कलक्टर के यहां कई बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, तो राजधानी में भी राजस्व मंत्री से लेकर अधिकारियों से रेकॉड बनवाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है।
फिर से हो सर्वे, तो मिले राहत-
सूत्रों ने बताया कि तहसीलों को ऑनलाइन करने का काम 2013 में शुरू कर फरवरी 2019 तक पूरा किया जाना था। लेकिन जिले में अभी तक चार गांवों का सर्वे नहीं होने से 1640 राजस्व गांवों में से चार गांव का रेकॉर्ड ऑनलाइन नहीं हो पाया है। राजस्व विभाग फिर से इन गांवों का सर्वे करवा कर नक्शे बनाएं ताकि तरमीम,खाता संख्या व गिरदावरी आदि का रेकॉर्ड ऑनलाइन हो सके, इससे किसानों को राहत मिल सके।
इन गांवों का रेकॉड गायब-
जिले के अकलेरा तहसील के मदनपुरिया, कालियाखेडी व पिड़ावा तहसील के शेरपुर, मंूडला तहसील के गांवों के नक्शे सहित कोई रेकॉर्ड राजस्व विभाग के पास नहीं होने से किसानों की ऑनलाइन नकल, बैंकों के किसान क्रेडिट कार्ड सहित कई काम नहीं हो पा रहे हंै।
फैक्ट फाइल
- जिले में कुल राजस्व गांव ऑनलाइन हुए-1636
- जिले में राजस्व गांव- मदनपुरिया, कालियाखेडी, शेरपुर, मूंडला ऑनलाइन नहीं हो पाए
- तहसील ऑनलाइन का काम 2013 में शुरू हुआ जो 2019 तक पूरा होना था।
- जिले में कुल तहसील- 12, एक उपतहसील
ऐसे बताई पीड़ा-
हमारे गांव का कोई रेकॉर्ड नहीं होने से बैंकों में केसीसी संबंधी कोई काम नहीं हो रहे हैं। ऑनलाइन नकल नहीं मिलने से किसान कृषि विभाग सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे। छोटे-छोटे काम के लिए लोग परेशान है।
घनश्याम गुर्जर,मूंडला, तहसील पिड़ावा।
मूंडला, शेरपुर व दो अन्य गांव का कोई रेकॉर्ड नहीं होने से हमारे छोटे-छोटे काम नहीं हो रहे हैं। बैंकों से लोन नहीं मिल रहा हैं, केसीसी की सीमा नहीं बढ़ पा रही है। सरकार को जल्दी से सर्वे करवाकर रेकॉर्ड ऑनलाइन करवाना चाहिए। झालावाड़ से लेकर जयपुर के कई चक्कर लगा चुके है, कोई नहीं सुन रहा है।
भवानीराम प्रजापति,मंूडला तहसील पिड़ावा।
नक्शे नहीं है-
इन चार गांवो के डिटेल नक्शे नहीं है। दो गांवों के नक्शे जीर्ण-शीर्ण थे। स्टेट से एक सर्वे टीम आई हुई है। वो असनावर में सर्वे कर रही है, उनसे बोला अकलेरा तहसील के दो गांवों का सर्वे करने के लिए बोला है। ये पूरा होने पर दूसरे चरण में पिड़ावा के गांवों का सर्वे करवाएंगे।
डॉ. भारती दीक्षित, जिला कलक्टर,झालावाड़।