झालावाड़

एनएच 52 पर झालावाड़ में नहीं लगेंगे ब्रेकर

. झालावाड़ शहर के सारे स्पीड ब्रेकर टूटे, बेलगाम दौड़ते वाहन. झालावाड़ के बीच से गुजरता है एनएच 52 . जिम्मेदार नहीं जागे तो कभी भी हो सकता है जानलेवा साबित

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एनएच 52 पर झालावाड़ में नहीं लगेंगे ब्रेकर

झालावाड़. झालावाड़ का सीना चीरकर निकल रहे एनएच 52 पर आप संभलकर नहीं चलेे तो कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है। शहर के बीच से गुजर रहे राजमार्ग पर वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह स्पीड़ ब्रेकर बनाए गए थे, लेकिन भारी वाहनों का दबाव यह ब्रेकर नहीं झेल पाए। जहां से वाहन गुजरते हैं, वहां से टूट गए हैं। इस कारण ब्रेकर पर भी वाहन बेलगाम होकर दौड़ रहे हैं। इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पत्रिका टीम ने बुधवार को इस रूट का जायजा लिया तो एक नहीं सारे ब्रेकर क्षतिग्रस्त पाए गए। खंडिया तालाब से मिनी सचिवालय तक दोनों तरफ बीस ब्रेकर बने हैं, जो सभी क्षतिग्रस्त है। जबकि जिम्मेदार अधिकारियों को यह ब्रेकर नजर नहीं आ रहे हैं। ब्रेकर रोड के बीच में से टूटे हैं, जिससे वाहन आसानी से निकल जाते हैं। हर कोई जहां ब्रेकर टूटे है, वहीं से गाड़ी निकालने का प्रयास करता है, ताकि गाड़ी बेलगाम दौड़ती हुई निकल जाए। पिछले दिनों एक युवक की कोतवाली थाने के पास ही दुर्घटना से अकाल मौत हो गई थी। सड़क पर यातायात के दबाव के साथ आवारा मवेशी भी विचरण करते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। शहर का यह प्रमुख मार्ग है। इस कारण प्रतिदिन शहर की 80 फीसदी आबादी किसी ने किसी प्रकार से इस वाहन से रूट से गुजरते हैं। जिले का सबसे बड़ा एसआरजी अस्पताल, जनाना अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, मिनी सचिवालय, जलदाय विभाग, जल संसाधन विभाग, बीएसएनए,उद्योग, पशु पालन विभाग रीको, कॉलेज, सहकार समेत जनता से जुड़े सभी सरकारी विभागों के कार्यालय जाने के लिए इस मार्ग से जाना होता है। खुद जिम्मेदार अधिकारी भी दिन में कई बार इसी मार्ग से आते-जाते हैं। भोपाल-इंदौर, कोटा, जयपुर, दिल्ली जाने वाले तमाम वाहन शहर के बीच से ही गुज रहे हैं। ब्रेकर क्षतिग्रस्त होने के कारण सबसे ज्यादा खतरा भारी वाहनों से होता है। इस रूट पर शहरी यातायात का भी खासा दबाव है।
सर्वे करवाएंगे
. झालावाड़ शहर मे जहां भी स्पीड ब्रेकर टूटे हुए है, उनका जल्द सर्वे करवा कर सही करवा देंगे। सीएम बैरवा, अधीक्षण अभियंता एनएचआइ झालावाड़
.सर्किल में जहां भी स्पीड ब्रेकर टूटे हुए है, उनका सर्वे करवाकर एनएचआई को रिपोर्ट भेजेंगे। जल्द दुरुस्त के लिए कहेंगे। अमित कुमार सहायक पुलिस अधीक्षक
ब्रेकर के मानक
भारतीय रोड कॉन्फ्रेंस ने वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड़ ब्रेकर की 3.7 मीटर चौड़ाई तथा 0.10 मीटर ऊंचाई निर्धारित की है। ब्रेकर को क्रॉस करते वक्त वाहनों की गति 25 केएमपीएच की है।

Published on:
30 Sept 2021 04:18 pm
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