
झालावाड़। झालावाड़ और झालरापाटन में अब bsnl इंटरनेट स्पीड चार गुना तेज दौड़ेगी। बीएसएनएल ने अपने टावरों में तेज गति के 12 उपकरण लगाकर इस सप्ताह से उपभोक्ताओं को तेज हाई स्पीड पर डाटा स्पीड उपलब्ध करवाने का काम शुरू किया है।
bsnl ने झालावाड़ शहर में 8 ओर झालरापाटन में 4 हाई स्पीड के जेड टी- टेक्नॉलोजी के उपकरण लगाए हैं, जिससे 10 से 16 एमबीपीएस की डाउनलोड स्पीड उपभोक्ताओं को मिलने लगेगी।
यही नहीं BSNL शहरों की तर्ज पर अब गांव-देहात में भी हाईस्पीड इंटरनेट सेवा और बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी सेवा शुरु करने जा रही है। जल्द ग्रामीण क्षेत्रो में 3g हाईस्पीड डेटा सर्विस उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरु कर दी है। सब ही जगह 3g bts लगाने की व्यवस्था शुरू कर दी है।
जिला दूर संचार अधिकारी आरपी शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रो में भी उपभोक्ताओं को 30 सितंबर तक हाई स्पीड इंटरनेट मिलेगी। अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के संचार मंत्रालय द्वारा संचार मंत्री ने जिले में उपभोक्ताओं की टेली फोन सर्विस को तुरंत ठीक करने और उसका रख रखाव अच्छे ढंग से करने पर जिला नम्बर वन आने पर सम्मानित भी किया है।
सरकार की ये योजना खतरे में डाल सकती है लोगों का रोजगार
राज्य सरकार प्रदेश के कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट की तीसरी व चौथी यूनिट को छतीसगढ़ में स्थापित करना चाहती है। वहां इसकी संभावनाओं का पता लगाने के लिए पांच उच्चाधिकारियों की एक समिति का गठन किया है। यह समिति वहां मौजूद पानी व जमीन आदि की संभावना का पता लगाकर उच्च स्तर पर अधिकारियों को रिपोर्ट देगी। जबकि झालावाड़ कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट की इन दोनों इकाइयों के लिए जमीन अधिग्रहण से लेकर मुआवजा आदि की सभी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। ऐसे में इनको यहां से दूसरे राज्य में स्थापित करने पर जिले के किसानों की जमीन भी गई और हजारों लोगों को मिलने वाला रोजगार भी नहीं मिल पाएगा। ऐसे हालात में कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट राज्य सरकार के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है।