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Rajasthan: बहन से राखी बंधवाने दिल्ली से झालावाड़ आया था आयुष, पिकनिक में मौत; परिवार में मातम

झालावाड़ में रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले दुखद हादसा हो गया। दिल्ली में नौकरी करने वाला 24 वर्षीय आयुष त्रिवेदी बहन से राखी बंधवाने घर आया था। दोस्तों संग बन्या गांव के बरसाती झरने पर पिकनिक मनाते समय गहरे पानी और तेज बहाव में डूबने से उसकी मौत हो गई।
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jhalawar delhi youth ayush trivedi drowns in banya waterfall

मृतक आयुष त्रिवेदी (पत्रिका फोटो)

भीमसागर (झालावाड़): रक्षाबंधन पर्व से ठीक एक दिन पहले झालावाड़ के एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गई। बहन से राखी बंधवाने के लिए एक दिन पहले ही दिल्ली से झालावाड़ घर आए 24 वर्षीय आयुष त्रिवेदी की गुरुवार को बन्या वन क्षेत्र स्थित बरसाती झरने में डूबने से मौत हो गई। दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया आयुष नहाते समय अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव की चपेट में आ गया। साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण सफल नहीं हो सके।

मृतक आयुष त्रिवेदी पुत्र अनिल त्रिवेदी झालावाड़ की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का निवासी था और दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी करता था। रक्षाबंधन पर बहन से राखी बंधवाने के लिए वह बुधवार को ही दिल्ली से झालावाड़ आया था। गुरुवार को वह दोस्तों के साथ सारोला थाना क्षेत्र के बन्या वन क्षेत्र में गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित बरसाती झरने पर पिकनिक मनाने गया था।

जिस घर में राखी की तैयारी थी, छाया मातम

आयुष के घर में रक्षाबंधन को लेकर तैयारियां चल रही थीं। बहन से राखी बंधवाने के लिए दिल्ली से घर लौटे भाई की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। रक्षाबंधन से पहले हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

बन्या का यह बरसाती झरना वन क्षेत्र में स्थित है और स्थानीय स्तर पर पिकनिक स्पॉट के रूप में लोगों के बीच लोकप्रिय हो चुका है। मानसून के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में हादसे के बाद प्रशासन और वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि यदि यह क्षेत्र बरसात में खतरनाक हो जाता है तो यहां चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग अथवा निगरानी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

ग्रामीणों का कहना है कि झरने में पानी का बहाव बढ़ने के बावजूद लोग नहाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे स्थानों को समय रहते चिन्हित कर आवाजाही और नहाने पर रोक लगाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

नहाते समय गहरे पानी में समाया

स्थानीय लोगों के अनुसार, सावन में झरने में पानी का वेग और गहराई बढ़ जाती है। नहाने के दौरान आयुष अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में डूब गया। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते वह अन्दर समा गया। यह देख मौके पर चीख-पुकार मच गई।

सूचना मिलने पर सारोला थानाधिकारी बुद्धराम चौधरी मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद युवक के शव को बाहर निकाला। इसके बाद शव को झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों की सहमति के बाद बिना पोस्टमॉर्टम शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जंगल क्षेत्र में बने ऐसे सभी झरने, जो पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित नहीं हैं, वहां वन विभाग को पाबंद कर आवाजाही बंद करवाई जाएगी।
-रजत कुमार विजयवर्गीय, एसडीएम, खानपुर