
कोटा. देश में अभी बुलडोजर बाबा के नाम से उत्तर प्रदेश के सीएम योगी को जाना जाता है, जिन्होंने अपराधियों के मकानों पर बुलडोजर चलवाया है। अब राजस्थान में भी अतिक्रमण पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया है। राजस्थान के यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के विधानसभा क्षेत्र कोटा उत्तर में शुक्रवार रात को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर एक ही झटके में 100 करोड़ की जमीन को मुक्त करवा दिया। यह कोटा की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जाती है। लोग जब गहरी नींद में सोए हुए थे तब जिला प्रशासन, नगर विकास न्यास, नगर निगम जेसीबी मशीने और बुलडोजर लेकर पहुंचा और सभी तरफ के रास्तो को सील कर दिया गया और पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अब बुलडोजर लगाकर दुकानें और पक्के निर्माण कार्यों तो तोडऩा शुरू कर दिया। कार्रवाई शनिवार तड़के 3.30 बजे शुरू हुई, जो सुबह 8 बजे तक चली।
भनक तक नहीं लगने दी
लाडपुरा एसडीएम दीपक मित्तल, यूआईडी सचिव राजेश जोशी, सिटी एएसपी प्रवीण जैन, नगर निगम के उपायुक्त गजेन्द्रसिंह समेत आला अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई शुरू की गई। तीन दर्जन जेसीबी मशीनें लगाई गई। लोगों को कार्रवाई की भनक लगी तो यहां आने लगे, लेकिन सशस्त्र पुलिस बल तैनात देखकर वापस निकल गए। 250 से 300 पुलिस जवान तैनात किए गए थे। हर तरफ तोडफ़ोड चल रही थी। देखते ही देखते बिल्डिंग मलबे में तब्दील हो गई।
तालाब की दस बीघा सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया
झालावाड़. उपखण्ड अधिकारी झालावाड़ के निर्देश पर शुक्रवार को तालाब एवं सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण के निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई गई। नगर परिषद् झालावाड़ के आयुक्त अशोक शर्मा ने बताया कि नगरीय क्षेत्र झालावाड़ में अतिक्रमण के मामलों को चिन्हित कर सीमा ज्ञान के आधार पर तहसीलदार राजेन्द्र मीणा एवं राजस्व टीम व नगरपरिषद् झालावाड़ के अतिक्रमण दस्ते के द्वारा गुढ़ा गावड़ी एवं तिलक नगर,अयोध्या नगर के पास तालाब की भूमि पर हो रहे लगभग 10 बीघा भूमि पर अतिक्रमण को एवं ट्रासपोर्ट नगर कोटा रोड़ जो कि ग्राम वृन्दावन की भूमि पर स्थित है, जिस पर कच्चे मकानात एवं पत्थर की कोट को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। जो लगभग 8 बीघा भूमि पर था। साथ ही शहर में हो रहे बिना निर्माण स्वीकृति को भी मौके पर रूकवाया गया। नगरीय सीमा क्षेत्र में हो रहे बिना निर्माण स्वीकृति व अवैध अतिक्रमणों पर समय.समय रोक लगाते हुए पाबन्द कर अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गौरतलब है कि तालाब की जमीनों पर हो रहे मामले को पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था।