प्रतिभा को उपयुक्त मंच मिले तो उसमें और निखार आता है। बाल वैज्ञानिकों ने भी कुछ ऐसा ही किया। स्कूलों में पढऩेे वाले बच्चों ने अपनी कल्पना को पंख लगा ऐसे मॉडल बनाए कि उनके मॉडल को देखकर हर कोई प्रसंशा किए बगैर नहीं रह सके।
प्रतिभा को उपयुक्त मंच मिले तो उसमें और निखार आता है। बाल वैज्ञानिकों ने भी कुछ ऐसा ही किया। स्कूलों में पढऩेे वाले बच्चों ने अपनी कल्पना को पंख लगा ऐसे मॉडल बनाए कि उनके मॉडल को देखकर हर कोई प्रसंशा किए बगैर नहीं रह सके। जिले के तीन विद्यार्थियों ने राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का ढंका बजाया है। आईए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों से आपको रूबरू करवाते है...जिन्होने जिले का व परिवार का विज्ञान के क्षेत्र में नाम रोशन किया....
इन्होने किया श्रेष्ठ काम
निहाल ने बनाया मेडिकल ट्रांसपोर्ट ड्रोन
झालावाड़. जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रायपुर के कक्षा 11वीं के छात्र निहाल शर्मा ने कोरोना काल में मरीजों को दवाई इधर से उधर पहुंचाने में आई दिक्कत को देखा उसी समय ऐसा साधन बनाने की सोची जिससे मरीजों को आसानी से दवाई पहुंचाई जा सके। उसी समय से ट्रांसपोर्ट ड्रोन बनाने में लग गए। अब इस ड्रोन से अस्पताल में एक मरीज से दूसरे मरीज तक दवाई या जैविक नमूने ले जाने में इसका प्रयोग किया जा सकता है।छात्र निहाल ने बताया कि ये बेट्री से चलता है इसमें सेंसर और जीपीएस लगे होते हैं, इससे इसकी लोकेशन टे्रक की जा सकती है। इसे अनमेन्ड एयरक्रॉफ्ट सिस्टम के नाम से भी जाना जाता है। ये चिकित्सा क्षेत्र में जांच के लिए नूमनों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर तुरंत पहुंचाने में कारगर साबित हो होगा।
तौफिक का मॉडल स्वास्थ्य के प्रति करेगा जागरूक
झालावाड़. शहर के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय कलेक्ट्री के छात्र तौसिफ अली ने जूनियर वर्ग में स्वास्थ्य विषय पर गत दिनों आयोजित मॉडल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। बाल वैज्ञानिक तौसिफ ने जंक फूड एक छुपा हुआ स्वास्थ्य खतरा बताया था। इसके लिए बच्चों, किशोरों और अभिभावकों में जागरूकता लाने के लिए मॉडल बनाकर प्रदर्शन किया। तौसिफ ने राष्ट्रीय बाल साइंस प्रदर्शनी में राष्ट्रीय स्तर पर जंक फूड और मोटापे में संबंध विषय पर अपने काम का प्रदर्शन किया था। जिसे काफी सराहा गया था।
खेतों में पानी की समस्या से मिल सकती है निजात-
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय चांदखेडी खानपुर के छात्र मोहम्मद तौफीक भाटी ने सीनियर वर्ग में 56वीं राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शन में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। छात्र ने कृषि विषय पर मॉडल बनाया था। जिसमें बहुउपयोगी व्हील और साइफन कृषि यंत्र का मॉडल बनाया, जिसमें बिना बिजली के सिंचाई, नहर से पानी निकालने जैसे विभिन्न कृषि कार्य कर सकते हैं। भाटी ने बताया कि खेतों में पानी से भरने से कई दिनों तक किसान बुवाई नहीं कर पाते हैं,इससे पानी को काम कर जल्दी किसान बुवाई कर सकते हैं। वहीं पानी को वाटर डे्रनर के माध्यम से बोर व ट्यूबवेल के माध्यम से जमीन में पहुंचाया जा सकता है।
अब पहुंच रहे नेशनल में जिले के बच्चे-
विज्ञान के शिक्षक अब्दुल सलाम व एकेडमिक समन्वयक दिव्येंदु सेन व आईसीटी लैब प्रभारी प्रहलाद नागर ने बताया कि झालावाड़ जिले के विद्यार्थी अब विज्ञान प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर तक भी जाने लगे हैं। पहले जिला स्तर आयोजित प्रतियोगिताओं में ही पहुंचना मुश्किल होता था। अहमदाबाद में हुई राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रतियोगिता में उन्हेल की छात्रा पायल कुमारी व मॉडल स्कूल असनावर के छात्र आदर्श पाटीदार ने भी भाग लेकर गोल्ड मेडल प्राप्त किया।
ये विज्ञान दिवस मनाने का उद्देश्य-
भारत के महान वैज्ञानिक डॉ.सीवी रमन की स्मृति में हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिक मंत्रालय भारत सरकार के अनुसर इस वर्ष के समारोह का विषय विकसित भारत के लिए स्वदेशी प्रोद्यौगिकियों रखा गया है। स्कूलों में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र की उपलब्धियों के बारे में जागरूक करना है।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर ये कार्यक्रम होंगे-
राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उदयपुर द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर विज्ञान दिवस पर स्कूलों में कई गतिविधियां आयोजित करवाने के लिए कहा है। जिसमें विज्ञान चार्ट प्रदर्शनी, निबंध प्रतियोगिता, आशुभाषण प्रतियोगिताएं विषय चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या,विशेषज्ञ वार्ता आदि रखे गए है।
विज्ञान दिवस मनाया जाएगा-
जिलेभर में 28 फरवरी को विज्ञान दिवस मनाया जाएगा। गत दिनों हुई सेमिनार व प्रदर्शनी में जिले के बच्चों ने अच्छा प्रदर्शन किया। अब तकनीक के क्षेत्र में जिले के बच्चे सूचना प्रोद्यौगिकी का उपयोग कर नई-नई जानकारियां हांसिल कर कई अच्छे प्रोजेक्ट बना रहे हैं। हेमराज पारेता, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, झालावाड़।