राजगढ़ डेम तक बन रही
सुनेल। राजगढ़ डेम तक भारत सरकार की केन्द्रीय सडक़ निधि परियोजना के तहत सडक़ बनाई जा रही है। सडक़ बनाने के लिए निर्माण एजेंसी ने सडक़ किनारे लगे सैकड़ों हरे भरे पेड़ों को काट दिया। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण एजेंसियों द्वारा सडक़ों के चौड़ीकरण को लेकर जहां सडक़ किनारे लगे सैकड़ों हरे भरे विशाल पेड़ों को काट दिया जाता है लेकिन सडक़ बनने के बाद दोबारा से सडक़ किनारे पेड़ों को नहीं लगाया जाता है। इससे जहां पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं सर्दी, गर्मी और बारिश के समय सडक़ों से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में भारत सरकार की केन्द्रीय सडक़ निधि परियोजना,सार्वजनिक निर्माण विभाग आदि ने सडक़ों के चौड़ीकरण को लेकर कई पेड़ों को काट दिए है। ग्रामीण तेजपाल सिंह, मनोहरलाल भील, रामसिंह मेघवाल, घनश्याम धाकड़ आदि ग्रामीणों ने बताया कि सरकार द्वारा हर वर्ष लाखों रूपए खर्च पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाओं पर्यावरण बचाओ का संदेश दिया जाता है लेकिन सडक़ निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा सडक़ किनारे लगे पेड़ों को काट तो दिया जाता है लेकिन सडक़ बनने के बाद उनके स्थान पर नए पौधे नहीं लगाते हैं।
पूर्व में सडक़ की चौड़ाई बहुत कम थी। सडक़ की चौड़ाई बढ़ाने के लिए पेड़ इसमें आ रहे थे, इसलिए पेड़ काटने पड़े। अगर नियम होगा तो संबंधित ठेकेदार से सडक़ निर्माण पूरा होने के बाद वापस पेड़ लगाए जाएगें।
संजय मीणा,कनिष्ठ अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग सुनेेल