देशी विदेशी पावणों का इंतजार
झालावाड़। जिले में पर्यटन उद्योग को कोरोना के चलते तगड़ा झटका लगा है । ऐसे में झालावाड़ जिले से विदेशी पर्यटकों ने अपना मुंह फेर लिया है। ऐसे में जिले के पर्यटन सर्किट को भी राजस्व में बड़ा नुकसान पहुंचा है। जबकि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिलेभर में ऐतिहासिक स्थल और सुविधाओं को लेकर करोड़ों रुपए जिले में खर्च किए जा चुके हैं। जिले में एक दर्जन से भी अधिक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है जहां पर्यटकों के लिए देखने लायक है। धीरे धीरे यहां देशी विदेशी पर्यटकों का आना जाना शुरू हुआ और विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढऩे लगी ऐसे में रफ्तार पकड़ रहे जिले के पर्यटन उद्योग भी कोरोना की भेंट चढ़ गया और हालत यह हो गई कि 2021 में तो देशी विदेशी दोंनो ही पर्यटकों ने झालावाड़ के इन पुरा महत्व के स्थलों का रूख ही नहीं किया। जबकि पर्यटकों के झालावाड़ आने व रात्रि विश्राम से होटल आवगमन सहित अन्य कई तरह से राजस्व मिलता है। लेकिन पर्यटन को कोरोना की नजर लग गई है। पर्यटन विभाग के अनुसार अक्टूबर से फ रवरी माह तक यहां सर्वाधिक पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। विदेशी पर्यटकों में ब्रिटेन फ्रांस सहित अन्य कई देशों के पर्यटक झालावाड़ की पुरा संपदा और ऐतिहासिक स्थलों को देखने झालावाड़ पहुंचते हैं। कोरोना की दस्तक के बाद से ही यहां देशी विदेशी पर्यटकों के आवागमन पर रोक लग गई थी। मार्च माह में लॉकडाउन के कारण विदेशी और देशी दोनों ही पर्यटक नियमों के चलते हैं झालावाड़ नहीं पहुंचे। वही बीच में कुछ समय हालात में सुधार हुआ तो फिर से देशी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के बाद यहां देशी पर्यटकों का भी आवागमन बंद रहा है। ऐसे में जब दूसरी लहर से हालात सुधरे तो फिर से देशी विदेशी पर्यटकों के आवागमन के प्रयास पर्यटन विभाग ने भी शुरू कर दिया है। इतिहासकार ललित शर्मा ने बताया कि राजस्थान गर्म प्रदेश है। ऐसे में झालावाड़ जिले में अक्टूबर माह में हल्की सर्दी शुरू हो जाती है। जो पर्यटकों को आकर्षित करती है। वही इसी दौरान झालरापाटन में कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले कार्यक्रम और कार्तिक मेले के दौरान विदेशी पर्यटक आते रहे है। यह पर्यटक पुष्कर में आयोजित कार्तिक मेले से झालावाड़ पहुंचते हैं। और दो.तीन दिन रुक कर जिलेभर के पर्यटन स्थल को देखते हैं। झालावाड़ पर्यटन की हाडोती में भी विशेष स्थान रखता है। जिले में करीब 3 साल में कुल 12772 पर्यटक झालावाड़ आए। ऐसे में सबसे अधिक देशी विदेशी पर्यटक 2020 में झालावाड़ आए।जनवरी से सितंबर तक कुल 32592 पर्यटक आए। जबकि 2019 में 9003 देशी विदेशी पर्यटक पहुचे। वही 2021 की बात करे तो जनवरी से मई के मध्य कोई देशी विदेशी पर्यटकों का आवगमन झालावाड़ नही हुआ। जबकि अब नियमानुसार पर्यटकों के लिए लगी रोक हट गई है। पर्यटन विभाग की प्राप्त जानकारी के अनुसार 2019 में कुल पर्यटकों की संख्या कम होने के बावजूद भी 65 विदेशी पर्यटक झालावाड़ आए थे। वही 2020 में यह आंकड़ा घटकर कम हो गया। इस दौरान कुल पर्यटकों की संख्या तो बढ़ी लेकिन विदेशी पर्यटक केवल 13 ही झालावाड़ पहुंचे। जबकि 2021 में जनवरी से मई महीने तक कोई पर्यटक विदेशी झालावाड़ नहीं आया। जिले में विश्व विरासत की सूची में शामिल प्रसिद्ध जल दुर्ग गागरोन राजकीय संग्रहालय झालरापाटन का सूर्य मंदिर चन्द्रभागा नदी अकलेरा के निकट दहलनपुर का किला खानपुर के निकट भीमसागर में महू के महल डग में कोल्वी की गुफाएं सहित शहर में स्थित भवानी नाट्यशाला गढ़ भवन सहित अनेक पूरा महत्व के ऐतिहासिक स्थल शामिल है। ऐतिहासिक स्थलों पर सरकार की ओर से मरम्मत जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। वर्तमान में भी करोडों रुपए के कार्य चल रहे है।