- एक सितम्बर को स्कूल खुलने पर कहां बैठेंगे विद्यार्थी
झालावाड़. जिले में अतिवृष्टि ने जमकर तबाही मचाई है। जिलेभर में सरकारी स्कूलों, सड़कों, पुलियाओं व नहरों सहित किसानों की फसलें तबाह होने से काफी नुकसान हुआ है। फसलों के अलावा नुकसान का प्रारम्भिक आंकलन 18 करोड़ आंका गया है। जिले में अतिवृष्टि से कई स्कूलों के कक्षा कक्ष क्षतिग्रस्त हो गए है। सरकार ने एक सितम्बर से विद्यालय खोलने की घोषणा की है। ऐसे में जिन स्कूलों में कक्षा कक्षों की कमी है वहां स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थियों को बिठाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शिक्षा विभाग में कक्षा कक्षा, चारदीवारी, छत आदि क्षतिग्रस्त होने से करीब 1 करोड़ 10 लाख का नुकसान हुआ है। बजट जारी करने की दरकार है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बोलियाबुजुर्ग में 5 अगस्त को स्कूल भवन की छत गिर गई, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। विद्यालय को नवीन भवन में संचालित किया जा रहा है, ऐसे में यहां बड़ा हादसा होने से टल गया। जिले में करीब 20 स्कूल ऐसे है जिनकी छतें क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं ओडियाखेडी स्कूल आबादी क्षेत्र में होने से यहां भवन के क्षतिग्रस्त होने के दौरान बच्चे खेल रहे थे, लेकिन गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। जिले में पूर्व में क्षतिग्रस्त व मरम्मत योग्य स्कूलों की संख्या करीब 300 से अधिक है। पानी भरने से 23 स्कूलों की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई। मनोहरथाना ब्लॉक में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खांखरा लोढान, राउप्रावि गांवडी, खानपुर ब्लॉक में राउमावि सूमर ब्लॉक ए में तीनकमरे, राउप्रावि धानोदाखुर्द में 3 कमरे, भवानीमंडी ब्लॉक में राप्रावि ढोलियाखेडी, राउप्रावि पालियाखेडी एक कक्ष, राउमावि नारायणखेड़ा 5 कक्ष, राउमावि घटोद भवन जीर्णशीर्ण, अकलेरा ब्लॉक में राउप्रावि मानपुरा लोढान, राउमावि कोहडीघर, राप्रावि मूंझखेडा संपूर्ण स्कूल क्षतिग्रस्त, राउमावि सरड़ा तीन कमरे, राप्रावि कटफली तीन कमरे, राउप्रावि संस्कृत गेहूंखेडी, झालरापाटन ब्लॉक में राप्रावि धानोदा में कमरे क्षतिग्रस्त हो गए है। ऐसे में इन स्कूलों में जल्द कमरों का निर्माण करवाया जरूरी है। जिला शिक्षा अधिकारी पुरुषोत्तम माहेश्वरी का कहना है कि तेज बारिश से क्षतिग्रस्त हुए कमरों के प्रस्ताव बनाकर निदेशालय भेज दिए है। जिला प्रशासन को भी प्रस्ताव भेज दिए हैं। जहां से भी बजट मिलेगा जल्द रिपेयरिंग करवाई जाएगी। अभी क्षतिग्रस्त व मरम्मत योग्य कक्षा कक्षों में कहीं भी विद्यार्थियों को नहीं बिठाया जाएगा। अभी कक्षा 9-12 तक के विद्यार्थियों को ही बुलाया जाएगा।