- जनाना चिकित्सालय में अब तक 600 बच्चों में डेंगू के लक्षण
झालावाड़. डेंगू ने बच्चों को जकड़ लिया है। इस सीजन में बच्चे अधिक संख्या में डेंगू से पीडि़त हो रहे हैं। जनाना अस्पताल में डेंगू से पीडि़त करीब 600 बच्चे सामने आ चुके हैं। एडीज एजिप्टाई मच्छर काटने से डेंगू वायरस खतरनाक बना हुआ है। जिसको ब्रेक बोन बुखार के नाम से जाना जाता है। इस रोग से पीडि़त मरीज समय पर उपचार नहीं लेने पर घातक साबित हो सकता है।
मेडिकल कॉलेज की लैब में एलाइजा टेस्ट की जांच रिपोर्ट में प्रतिदिन करीब 40- 50 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो रही है। इस सीजन में डेंगू रोगियों की संख्या करीब 1300 से अधिक पहुंच चुकी है। इनकी इलाएजा व कार्ड टेस्ट में पुष्टि हो चुकी है। रोगियों की संख्या में प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिले में आधा दर्जन से अधिक रोगियों की डेंगू से मौत भी हो चुकी है। डेंगू रोगियों में प्लेटलेट्स की कमी सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है। जबकि एसडीपी की किट की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रही है। इस कारण रोगी के लिए बहुत ज्यादा परेशानी बढ़ रही है। इतना ही नहीं बच्चों में भी डेंगू काफी फैल रहा है। जनाना चिकित्सालय में 37 डेंगू के नए मरीज सामने आए है। जबकि अभी तक 600 बच्चे में डेंगू व डेंगू जैसे लक्षण पाए गए है। जिलेभर में अभी तक करीब 1300 डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। हालांकि इनमें जिले सहित मध्यप्रदेश व कोटा जिले के मरीज भी शामिल है। डेंगू से करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन एक ही मौत मान रहा है। पत्रिका ने पड़ताल की तो कई मौते होना सामने आया।
इनकी हुई डेंगू से मौत, एक ही बता रहा
1.शीना उम्र 20, निवासी जुल्मी
2.शमीम बानो 40वर्ष निवासी खेजडिया
3. दुर्गालाल मेघवाल उम्र 20 वर्ष निवासी मोडी
4. तौकीर खान उम्र 21 वर्ष, निवासी झालावाड़
5.अशोक उम्र 18 वर्ष, निवासी देवनगर
6. मदनलाल उम्र 61 वर्ष निवासी गुराडिया असनावर
7.धुलीलाल उम्र 50 निवासी रीछवा
8.गिरीश अग्रवाल उम्र 52 साल, निवासी झालावाड़
9.नन्दनी उम्र 10 वर्ष, निवासी रामगंजमंडी
10. पूरीलाल उम्र 40 निवासी रीछवा
11. आदित्य व्यास उम्र 20, निवासी हेमड़ा
12.राकेश दांगी, उम्र 21, निवासी भगोरा
पंाच साल में डेंगू के सबसे ज्यादा केस इस बार
वर्ष डेंगू पॉजिटिव
2017 347
2018 350
2019 161
2020 00
2021 920
यू करें बचाव-
- घर के अंदर और आसपास पानी जमा न होने दें, कोई भी बर्तन में पानी न जमने दें।
- बर्तन को खाली करके उसे उल्टा रखें,
अगर आप किसी बर्तन, ड्रम या बाल्टी में पानी जमाकर रखते हैं तो उसे ढ़ककर रखें।
- घर में कीटनाशक का छिड़काव करें, रात को सोते समय मच्छरनाशी लगाकर सोएं।
-अपने आसपास को लोगों को भी मच्छर फैलने से रोकने के लिए प्रोत्साहित करें।
- उपचार के लिए डॉक्टर से सलाह -रोग को पर्यापत मात्रा में आहार और पानी लेना चाहिए।
- बुखार के लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार पूरी दवाई लें।
- डेंगू बुखार में रोगी को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे ज्यादा जरुरी है। बुखार या सिरदर्द के लिए ब्रूफेन का उपयोग न करें।
-डेंगू बुखार में समय-समय पर प्लाज्मा की जांच करवानी चाहिए।
एसआरजी में एसडीपी किट का इंतजार-
एसआरजी चिकित्सालय में शनिवार शाम तक एसडीपी किट की आपूर्ति नहीं हो पाई है। अस्पताल प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है। जबकि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। परिजनों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उधर जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा ने कहा कि इस संबंध में अस्पताल के अधीक्षक को बोला है। वो बता रहे है कि किट के लिए डिमांड भेज रखी है। जल्द किट मंगवाने के निर्देश दिए हैं।
बुखार आने पर जांच जरुर कराएं-
बुखार आने पर डेंगू की जांच जरूर करवाएं। युवा रक्तदान करें आपकाये प्रयास किसी को जीवनदान दे सकताहै। बिना चिकित्सक की सलाह के सीधे किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन बिलकुल नहीं करें। क्योंकि कुछ दवाईयां प्लेटलेट्स को कम करती है ओर इस स्थिति में समस्या जानलेवा हो सकती है।
डॉ.मुकेश कुमार छडकिया,झालावाड़।