3 करोड़ रुपए का मामला 16 साल से लंबितझालावाड़। शहर की हाउसिंग बोर्ड कालीदास कॉलोनी के पास नगर परिषद ने उसकी बेशकीमती भूमि पर राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम द्वारा सालों से अतिक्रमण करने की शिकायत की है। इस जमीन की राशि का विवाद 16 वर्षों से लंबित है। नगर परिषद ने इस भूमि की कीमत […]
3 करोड़ रुपए का मामला 16 साल से लंबित
झालावाड़। शहर की हाउसिंग बोर्ड कालीदास कॉलोनी के पास नगर परिषद ने उसकी बेशकीमती भूमि पर राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम द्वारा सालों से अतिक्रमण करने की शिकायत की है। इस जमीन की राशि का विवाद 16 वर्षों से लंबित है। नगर परिषद ने इस भूमि की कीमत 2 करोड़ 89 लाख 74 हजार 109 रुपए आंकी है और 2008 से लगातार राशि जमा कराने के लिए पत्राचार कर रहा है, लेकिन अब तक विभाग ने भुगतान नहीं किया है। नगर परिषद सभापति ने जिला कलक्टर को इस बारे में पत्र लिखा है।
नगर परिषद का कहना है कि कालीदास कॉलोनी आवासीय योजना के खसरा नंबर 1680 की रिक्त भूमि पर विद्युत प्रसारण निगम ने 220 केवी जीएसएस का निर्माण करते हुए नगर उसकी भूमि पर चारदीवारी कर कब्जा कर लिया। इस भूमि पर पूर्व में परिषद ने कई लोगों को भूखंड आवंटित किए गए थे, जिन्हें परिषद को अन्य स्थान पर शिफ्ट करना पड़ा। इससे परिषद पर अनावश्यक वित्तीय भार आ गया।
नगर परिषद लम्बे समय से इस जमीन के पेटे विद्युत प्रसारण निगम पर 2.89 करोड़ रुपए मांग कर रहा है, वहीं पिछले तीन साल से कार्यालय अधीक्षण अभियन्ता जयपुर डिस्कॉम [खंडिया] पर नगरीय विकास कर एवं गृहकर के रूप में 52 लाख 21 हजार 487 रुपए मांग रहा हैं। नगर परिषद विद्युत विभाग पर 3 करोड़ 41 लाख 95 हजार 596 रुपए बकाया बता हैं।
इधर जयपुर डिस्कॉम भी नगर परिषद से रोड लाइट के करीब 3 करोड़ रुपए बकाया मांग रहा है। इस कारण कई बार विद्युत विभाग नगर परिषद की स्ट्रीट लाइट भी काट चुका है। परिषद ने जिला कलक्टर को पत्र भेजकर बिलों के समायोजन और शेष बकाया राशि परिषद को दिलाने की मांग की है।
'' कालीदास कॉलोनी के पास जब 220 केवी जीएसएस का निर्माण हुआ, तब विद्युत विभाग ने नगर परिषद की भूमि पर चारदीवारी कर ली थी। वह भूमि कई भूखंडधारकों को आवंटित की गई थी। उनके बदले दूसरी जगह जमीन दी गई। करीब 3 करोड़ रुपए विद्युत विभाग की तरफ नगर परिषद के निकलते हैं। हमने इस मामले में जिला कलक्टर को पत्र लिखा है। इस राशि के समायोजन के बाद शेष राशि मिलने पर कई जरूरी कार्य किए जा सकेंगे।
ये बहुत पुराना मेटर है। कालीदास कॉलोनी का कुछ हिस्सा आ रहा है। उसका नाप-तोल करवाकर उच्चाधिकारियों को अगवत करवाएंगे। वहां से जो भी दिशानिर्देश होंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। इतनी बड़ी राशि देना संभव नहीं है, जमीन अनुपयोगी होगी तो छोड़ देंगे, अगर जयपुर स्तर पर पैसे देने की अनुमति मिलेगी तो भुगतान कर देंगे। अश्विनी कानूनगो, एक्सईएन, प्रसारण निगम, २२० जीएसएस झालावाड़