झालावाड़। राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चंद्र कुलिश के जन शताब्दी पर्व के तहत रविवार को झालावाड़ के खेल संकुल परिसर में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में शहरवासी उमड़ पड़े। शिविर में लोगों को अंगदान, देहदान, नेत्रदान और रक्तदान का महत्व बताया गया।विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के तरीके बताए, वहीं […]
झालावाड़। राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चंद्र कुलिश के जन शताब्दी पर्व के तहत रविवार को झालावाड़ के खेल संकुल परिसर में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में शहरवासी उमड़ पड़े। शिविर में लोगों को अंगदान, देहदान, नेत्रदान और रक्तदान का महत्व बताया गया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के तरीके बताए, वहीं विभिन्न रोगों के बारे में परामर्श दिया। शिविर में आए लोगों की कई तरह की निशुल्क जांच भी की गई। शिविर का उद्घाटन झालावाड़ मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. संजय पोरवाल और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. साजिद खान ने किया। इस अवसर पर करीब दो दर्जन चिकित्सकों ने शहर के करीब आठ सौ लोगों को स्वस्थ जीवन शैली के बारे में बताया और चिकित्सकीय परामर्श दिया। सभी आयुवर्ग के पुरूष, महिलाएं, युवतियां, खिलाड़ी और बच्चों ने चिकित्सकों से अपनी शंकाओं का समाधान किया। राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित शिविर में आत्माराम जन सेवा संस्थान और सुप्रभात टीम सहभागी रही।
इस मौके पर मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. संजय पोरवाल ने कहा कि पत्रिका समय समय पर सामाजिक सरोकारों के तहत विभिन्न जनउपयोगी कार्यक्रम करती रही है। कुलिश जी की जन्मशताब्दी पर्व के तहत इस तरह के आयोजन से लोगों में जागरूकता आएगी।
मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डा.साजिद खान ने कहा कि पत्रिका का सामाजिक सरोकारों में कोई सानी नहीं है। इस तरह के आयोजन में चिकित्सा विभाग हमेशा सहयोग देगा। इस मौके पर कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. अशोक नागर ने कैंसर के बचाव के बारे में जानकारी दी।
शिविर में अंगदान के प्रति लोगों को जागरूकता के लिए सेल्फी प्वाइंट बनाया और शपथ दिलाई गई। मेडिकल कालेज के न्यूरो सर्जन और अंगदान के नोडल आफिसर डा. रामसेवक योगी ने बताया कि भारत लाइव अंगदान में अग्रणीय है, परन्तु ब्रेन डेड अंगदान में काफी पीछे है। इस बारे में जानकारी नहीं होने तथा कई तरह की भ्रांतियां होने से लोग अंगदान में रूचि नहीं लेते। ब्रेन डेड में मरीज का दिमाग काम करना बंद कर देता है, लेकिन अंगों में खून का प्रवाह होता है। ऐसी स्थिति में अगर मरीज के परिजन चाहे तो उसके अंगों को दान कर सकते हैं। इससे किसी जरुरतमंद को नया जीवन दिया जा सकता है।
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ और मेडिकल कालेज के पूर्व डीन डा. शिवभगवान शर्मा, ईएनटी विशेषज्ञ डा. अरूण पटेल, डा. अंशुल विजय, कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. अशोक नागर, न्यूरो सर्जन डा. राम सेवक योगी, डा. राहुल सोलंकी, पीडियाट्रिक सर्जन डा. सुनील मेहरा, यूरोलॉजिस्ट डॉ.जयेश मित्तल [कोटा], डॉ. विशाल नैनीवाल, हृदय रोग विशेषज्ञ डा. भूपेन्द्र बाठला [कोटा], जनरल सर्जन डा. हुकम चन्द मीणा, डा.श्वेताली अहिरे, वरिष्ठ फिजिशियन डा. पीयूष बैंसला, डा. आकााश ठक्कर, शिशु रोग विशेषज्ञ डा. कमल गुप्ता, डा. प्रियंका मेहरा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अंजलीना भाटी, डा. माधुरी राठौर. डा. बिनिता कश्यप, चर्म रोग विशेषज्ञ डा. शैल अग्रवाल, दंत रोग विशेषज्ञ डा. कनिष्क कश्यप, डा. प्राची जौहरी, आयुर्वेद चिकित्सक रिकेंश यादवेन्द्र, डॉ स्नेहा, डा. सुरेन्द्र गर्ग, नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. प्रीतम शर्मा, सहायक पंकज शर्मा, अनिल शर्मा, संदीप लुहार ने सेवाएं दी। आत्माराम जन सेवा संस्थान की ओर से नि:शुल्क जांचे की गई।
इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम के सफ ल आयोजन में आत्माराम जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष युवराज पारेता, जिला खेल अधिकारी कृपाशंकर शर्मा, सुप्रभात टीम के अध्यक्ष बसंत कासट, रमेश चन्द सेन, कल्याण देवड़ा, रामनारायण पंकज, गोपाल शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, गिर्राज लाहोटी, सत्यनारायण लाहोटी, ज्योतिष हेमंत कासट, जगदीश लववंशी, ओम गौत्तम, मुरली मनोहर बागला, डा.हेमंत शर्मा, प्रवीण भाटिया, गिरीश पालसिंह, भगवत सिंह, वासुदेव पाटीदार, अनिल माहेश्वरी, हबीब भाई, जितेन्द्र भाटिया, महेन्द्र न्याती, सायरा, प्रो. अलका बागला का सहयोग रहा। इसके साथ ही चिकित्साकर्मी युवराज पारेता, हरीश पारेता, बालमुकन्द लोधा, लक्षिता धारवाल, अजय गोयल, मनीष टेलर, विजय लोधा, पुरूषोत्तम वैष्णव, देवकी नंदन शर्मा, शुभम पाटीदार, मान सिंह, अरूण कुमार, सोना कुमारी, अभिषेक राठौर, बादल सिंह ने सेवाएं दी।