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Rajasthan News: गैंगस्टर मुख्तियार मलिक हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 को आजीवन कारावास, साथी की भी हुई थी हत्या

चार साल पहले मछली के ठेके के विवाद में हुए बहुचर्चित भीमसागर डेम दोहरे हत्याकांड में मंगलवार को अपर जिला और सत्र न्यायाधीश नरेद्र मीणा ने फैसला सुनाते हुए 11 जनों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा से दण्डित किया।
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gangster mukhtiyar malik murder case

फोटो पत्रिका नेटवर्क

झालावाड़। चार साल पहले मछली के ठेके के विवाद में हुए बहुचर्चित भीमसागर डेम दोहरे हत्याकांड में मंगलवार को अपर जिला और सत्र न्यायाधीश नरेद्र मीणा ने फैसला सुनाते हुए 11 जनों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा से दण्डित किया। एक जने को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी मानते हुए सात साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इस वारदात में मछली के ठेकेदार भोपाल के गैंगस्टर मुख्तियार मलिक और उसके साथी कमल किशोर की हत्या कर दी गई थी।

अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार गोचर ने बताया कि भोपाल निवासी फ रियादी जुगलकिशोर मीणा ने असनावर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में उसने बताया कि उसका बड़ा भाई कमल किशोर तथा मछली ठेकेदार मुख्तियार मलिक कालीसिंध और भीमसागर डेम पर मछली पकडऩे और चौकीदारी का काम करते थे। दो जून 2022 की रात मुख्तियार मलिक, कमल किशोर और अन्य नाव में बैठकर भीमसागर डेम क्षेत्र में चौकीदारी के लिए गए थे।

देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच कांसखेड़ली गांव के पास नदी में घात लगाए बैठे अब्दुल बंटी, वसीम अहमद ,राजा गुर्जर और अन्य दस-बारह जनों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में कमल किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मुख्तियार मलिक गंभीर घायल हो गया। बाद में उसका शव जंगल में बरामद हुआ। पूर्व में मछली के ठेके को लेकर मुख्तियार मलिक और अब्दुल बंटी में झगड़ा हुआ था। दोनों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी।

पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 44 गवाह और 94 दस्तावेज पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

इन्हें सुनाई गई सजा

न्यायालय ने कांसखेड़ली निवासी अब्दुल बंटी, सेफू खां, वसीम अहमद ऊर्फ राजा, राजा गुर्जर, अब्दुल शफ ीक उर्फ नन्दू, अब्दुल कालू खां, अब्दुल रउफ, तनवीर, सलाम उर्फ घीसू, धांसू खान, शौकत और लियाकत को हत्या का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक अन्य आरोपी मोहम्मद शफ ीक उर्फ वजीर को शस्त्र अधिनियम के तहत सात साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई।

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