
झालावाड़.खेतों में झूलते बिजली के तारों को ऊंचा करने व मरम्मत के नाम पर विद्यतु विभाग आए दिन कटौती करता रहता है। इसके चलते किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। झूलते बिजली के तारों के तेज हवा से आपस में टकराने से उठी चिंगारी खेतों में किसानों की मेहनत को खाक कर रही है। हर साल बिजली के तारों में स्पार्किंग से फसलें जलने के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं।
बावजूद इसके विद्युत निगम खेतों में झूलते बिजली के तारों को ऊंचा करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा। ऐसें में खेतों में आगजनी की घटनाएं बढ़ती जा रही है।
जिले में अभी खेतों में फसलों मेें एक दर्जन से अधिक घटनाए आग लगने की हो चुकी है। ऐसे में किसानों को लाखों रूपए का नुकसान हो चुका है।
झूलते तार कर रहे फसलों को बताह-
जानकारों ने बताया कि जिले में कई क्षेत्रों में खेतों में बिजली के तार बरसो से झूल रहे हैं। ऐसे में जरा सी तेज हवा चलते ही तारों में स्पार्किंग से उठी चिंगारी खेतों में किसानों की पसीने की मेहनत को तबाह कर रही है। खानपुर क्षेत्र में बुधवार को एक खेत में खड़ी गेहूं की दस बीघा की फसल देखते-देखते ही खाक हो गई।
किसान बोले नहीं ले रहे सूध-
जिले के खानपुर क्षेत्र के भैरूपुरा किसान रामदयाल, कृष्णमुरारी माली, पिपल्दा के ओमप्रकाश व हरिमोहन ने बताया कि खेतों में निकल रही बिजली की लाइनें काफी कम ऊंचाई पर है। इससे तार नीचे ही झूल रहे है। ऐसे में हल्की सी हवा चलते ही किसानों को फसलों में नुकसान होने का डर लगा रहता है। इसी सीजन में क्षेत्र में 5-7 किसानों के गेहूं की फसलें जल गई है।
जली फसलों का मुआवजा दे विभाग-
जिले में कई क्षेत्रों में फसलों में आग लगी है।ऐसे में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रघुनाथसिंह ने मांग की है कि जहां भी विद्युत विभाग की लाइन के तार स्पार्किंग से जिन किसानों की फसलें जली है। उन किसानों को सरकार उचित मुआवजा देना चाहिए।
हो चुके है हादसे-
खेतों में झूलते तारों के टकराने व ट्रैक्टर के टच होने से आए दिन हादसे होते रहते हैं। कई बड़े हादसे भी जिले में हो चुके हैं। गत वर्ष तार टूटने से रायपुर क्षेत्र में दो किसानों की मौत हो चुकी है तो एक युवक की मौत मनोहरथाना क्षेत्र में हो चुकी है।
किसान रखे ध्यान-
कृषि के जानकारों का कहना है कि किसानों को भी अपनी फसलों का ध्यान रखना चाहिए। जहां भी खेतों में विद्युत लाइन निकल रही है। उसके नीचे गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों का ढ़ेर नहीं करें। इससे आग लगाने की संभावना कम हो जाती है। फसल मशीन में निकालते समय बीड़ी नहीं पीए। कई बार गलती से भी आग लग जाती है।
ये बोले जिम्मेदार-
ऊपर से निर्देश है दिन में लाइट बंद रखते हैं। तारों को भी समय-समय पर सही करते हैं। कहीं से सूचना आती है लाइट बंद कर देते हैं।
जेएल मीणा, अधीक्षण अभियंता,जयपुर डिस्कॉम, झालावाड़।