-जिले में रबी सीजन में 3 लाख हैक्टेयर से अधिक में हुई है बुवाई
झालावाड़.जिले में रबी सीजन की बुवाई किसान पूरी कर चुके हैं, ऐसे में प्राकृतिक आपदा से फसलों को बचाव के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा में जिले की 5 फसलों को संसूचित किया गया है। इनमें गेहूं, सरसों,धनिया,मसूर, मैथी की फसल को शामिल किया गया है। इन फसलों का किसान 31 दिसंबर तक फसल बीमा करवा सकते हैं। हालांकि इस बार बीमा की प्रीमियम राशि नहीं बढ़ाई गई है। किसानों को पिछले साल जितना ही प्रीमियम देना होगा।
फसल कृषक द्वारा देय बीमा प्रीमियम प्रति हैक्टेयर
गेहूं 1035.35
चना 925.25
सरसों 949.49
धनिया 2996.05
मसूर 793.83
मैथी 2733.90
तहसीलवार किया संसूचित-
जिले की 13 ही तहसीलों में तहसील व पटवार सर्किल पर फसलें संसूचित की गई है। जिसमें धनिया, चना, सरसों, गेहूं,मसूर, मैथी को शामिल किया गया है। किसानों को नुकसान होनेपर पटवार सर्किल पर संसूचित फसलों का पटवार मंडल पर तथा तहसील स्तर पर जो फसलें संसूचित है उनके नुकसान का आंकलन तहसील स्तर पर किया जाएगा। ताकि किसानों को समय पर खराबे का फायदा मिल सके।
22 तक देनी होगी लिखित में सूचना-
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अगर कोई किसान फसल बीमा नहीं करवाना चाहता है तो उनको 22 दिसबंर तक बैंक में लिखित सूचना देना होगा।
जिले में शुरु होगी फसल बीमा पाठशाला-
फसल बीमा के प्रति किसानों को जागरुक करने के लिए बीमा कंपनी की ओर से 15 से 22 दिसंबर तक तहसील एवं जिला स्तर पर फसल बीमा पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें वेन के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। खानपुर व झालरापाटन, बकानी में 5 फीसदी किसान ऐसे होने चाहिए ऐसे होनेचाहिए जिन्होनें केसीसी लोन नहीं ले रखा हो।गेहूं की फसल में नुकसान होने की स्थिति में किसानों को प्रति हैक्टेयर के हिसाब से क्लेम मिलेगा। जिसमें गेहूं के लिए 71690, चना के लिए 61683, सरसों के लिए 63299, धनिया 59921 मसूर का 520920 मैथी का 54678 प्रति हैक्टेर के हिसाब से किसानों को बीमा क्लेम देय होगा। यह क्लेम राशि-शत प्रतिशत नुकसान होने की स्थिति में देय होगा। कम नुकसान की स्थिति में उसी अनुपात में क्लेम दिया जाएगा।
31 दिसंबर तक जमाकरवाएं प्रीमियम-
फसल बीमा के लिए प्रीमियम जमा करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर है। लेकिन किसानों को बीमा करवाना है या नहीं इसकी सूचना एक सप्ताह पहले देनी होगी। जिले में किसानों को जागरुक करने के लिए फसल बीमा पाठशाला में भी किसानों को जागरुक कर रहे हैं।
सत्येन्द्र पाठक, उप निदेशक कृषि विस्तार, झालावाड़।