भालता. क्षेत्र में लहसुन गेहंू, चना, सरसों समेत अन्य रबी की फसलों पर गर्मी का असर दिखने लगा है। सर्दी के मौसम में भी बढ़ते तापमान से फसलों पर विपरित प्रभाव होने लग गया है।
भालता. क्षेत्र में लहसुन गेहंू, चना, सरसों समेत अन्य रबी की फसलों पर गर्मी का असर दिखने लगा है। सर्दी के मौसम में भी बढ़ते तापमान से फसलों पर विपरित प्रभाव होने लग गया है। दिसम्बर महिने का एक सप्ताह बीत जाने के बाद दिनभर गर्मी रहने से फसलों की बढ़वार रुकने से किसान चिंतित हैं। इन दिनों चिलचिलाती धूप से फसलों में पानी की आवश्यकता महसूस होने लगी है। इन दिनों जहां भरपूर सर्दी का दौर रहता था। वहां गर्मी का अहसास होने व लगातार बढ़ते तापमान से फसलों के पत्ते पीले पड़ चुके हैं। किसान दरियाव सिंह, मांगीलाल लोधा ने बताया कि अमूमन इन दिनों सर्दी का मौसम रहता है। सर्दी व मावठ गिरने से फसलों में सिंचाई की आवश्यकता कम पड़ती थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक सर्दी का अहसास नहीं होने से लहसुन, गेहूं की फसल पीली पडऩे लग गई है। इन फसलों में अधिक पानी की जरूरत होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे दिखने लगी है। बदलते मौसम से किसान परेशान है। सर्दी गायब हो जाने व फसलों में पानी की दरकार बढऩे से किसान डीजल पंप व ट्यूबवेल से सिंचाई करने लग गए है।
महंगी पड़ रही सिंचाई
सर्दी के सीजन में भी गर्मी का अहसास बढ़ जाने से फसलें मुरझाने लगी है। मुरझाती फसलों को जीवन देने के लिए किसान महंगे भाव में डीजल खरीद सिंचाई करने में व्यस्त हो चुके हैं। किसानों का कहना है कि अभी कड़ाके की सर्दी पडऩी चाहिए थी। मगर गर्मी होने से फसलों में बढ़वार व उत्पादन प्रभावित होने की आशंका से चिंता बढ़ गई है। गर्मी से पीली पड़ी फसलों को बचाने के लिए मजबूरन डीजल पंप व ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है।