बाजार हस्तक्षेप योजना में खरीद की दो-तीन दिन में मिलेगी मंजूरी, राजस्थान में सहकारी समितियों के माध्यम से होगी खरीद
झालावाड़, कोटा। राजस्थान के किसानों के लिए खुश खबर है कि अब सस्ते दामों पर लहसुन और प्याज बेचना नहीं पड़ेगा। लहसुन और प्याज के किसानों को अच्छे दाम मिलेगी। बाजार हस्तक्षेप योजना में लहसुन और प्याज की खरीद होने वाली है। केन्द्र सरकार की ओर से आगामी दो-तीन दिन में खरीद को मंजूरी मिलने की संभावना है।
केन्द्रीय कृषि व कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कोटा प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार की ओर से लहसुन खरीद के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना के लिए जो प्रस्ताव केन्द्र को भेजे थे, उनमें कई कमियां थी। यदि यह प्रस्ताव वापस राज्य सरकार को भेजते तो काफी वक्त लग जाता है। इसलिए केन्द्र सरकार ने ही अधिकारियों को एक साथ बिठाकर प्रस्ताव की खामियों को दुरुस्त करवा दिया है। दो-तीन दिन में खरीद की मंजूरी जारी कर दी जाएगी।
बहुत जल्द खरीद शुरू होगी
मीडिया से बातचीत में मंत्री चौधरी ने कहा कि लहसुन व प्याज के भाव कम होने की समस्या उनके पास आ रही थी। उन्होंने राजस्थान सरकार से एक प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा था। जिससे राजस्थान के किसानों को दोनों फसलों के अच्छे दाम मिल सके। बाजार हस्तक्षेप योजना में हम किसानों को सहयोग करते है। निश्चित रूप से आश्वासन देना चाहता हूं कि बहुत जल्द किसानों की लहसुन और प्याज की खरीद शुरू हो जाएगी।
लोकसभा अध्यक्ष ने की थी बड़ी पहल
राजस्थान में हाड़ौती में लहसुन का बम्पर उत्पादन होता है। राज्य में लहसुन उत्पादन में कोटा संभाग प्रथम स्थान पर आता है। जब लहसुन का उत्पादन आने ही लगाता था तो दाम न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए थे। राजस्थान पत्रिका ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए सरकार को सुझाव दिया था कि बाजार हस्तक्षेप योजना में यदि खरीद होती है तो किसानों को सम्बल मिल सकता है। इसके बाद कोटा संभाग के किसान संगठनों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को इस संबंध में ज्ञापन देकर किसानों की पीड़ा जताई थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किसान हित में बड़ी पहल करते हुए राज्य के कृषि मंत्री को फोन कर लहसुन की खरीद का बाजार हस्तक्षेप योजना में केन्द्र को प्रस्ताव भेजने को कहा था। इसके बाद राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव तैयार किया है।