झालावाड़

Industries Department…राजस्थान के उद्यमियों से मन की बात करेगी सरकार

झालावाड़ के उद्यमियों के साथ उद्योग विभाग का ओपन हाउस 23 सितम्बर को

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झालावाड. कोरोना संक्रमण और लॉक डाउन के कारण औद्योगिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। अब धीरे-धीरे औद्योगिक गतिविधियां भी पटरी पर आने लगी है। ऐसे में सरकार की मंशा है कि उद्यमियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं से रूबरू होकर उनका समाधान किया जाए। इसके लिए उद्यमियों के साथ खुला संवाद किया जा रहा है। जिला उद्योग केन्द्र की ओर से झालावाड़ जिले के उद्यमियों के साथ 23 सितम्बर को सुबह 11 बजे मिनी सचिवालय के सभागार में ओपन हाउस (खुला सत्र) रखा है। इसकी अध्यक्षता कोटा के संभागीय आयुक्त के.सी. मीणा करेंगे। पूरे राजस्थान में उद्योग विभाग के माध्यम से ओपन हाउस आयोजित किए जाएंगे। जिलेभर के उद्यमियों के साथ ओपन सत्र रखा गया है। इसमें उद्यमियों से उद्योगों के संचालन में किस तरह की समस्याएं आ रही है। इस पर चर्चा की जाएगी। साथ ही उद्यमियों के सुझाव लिए जाएंगे कि कैसे औद्योगिक विकास को गति मिल सके। ओपन सत्र में सभी प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, ताकि हर क्षेत्र के उद्योगों की समस्याओं के बारे में प्रशासन को जानकारी मिल सके। बैठक की अध्यक्षता संभागीय आयुक्त करेंगे,ऐसे में उद्योगों से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का तो बैठक में ही समाधान होने की संभावना है। क्योंकि ओपन सत्र में उद्योगों से संबंधित सभी विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। ओपन सत्र में उद्योगों से संबंधित रीको, प्रदूषण नियंत्रण,विद्युत वितरण निगम, आरजीएसटी, वित्त निगम, कृषि, उद्यान, कृषि विपणन बोर्ड, खनिज समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। वहीं उद्योगों की ओर की ओर से लघु, मध्यम व वृहद उद्योगों के प्रतिनिधि व औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
उपयोगी साबित होगा ओपन हाउस
उद्यमियों के साथ ओपन सत्र आयोजित करने की तैयारी चल रही है। इस सत्र में उद्यमियों से उद्योगों के संबंध में सुझाव लिए जाएंगे और उनका समाधान किया जाएगा। ओपन सत्र उद्यमियों के लिए उपयोगी साबित होगा। इस तरह के ओपन हाउस सभी जगह होंगे। -हरिमोहन शर्मा, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र झालावाड़

इन उद्योगों की संभावना

- कोटा स्टोन उद्योगों का वैल्यू एडिशन की जरूरत है।
- कोटा स्टोन की स्लैरी पर आधारित उद्योग लगे।
- झालावाड़ में कोनकोर डिपो चालू किया जाए, ताकि निर्यात को बढ़ावा मिल सके।
- खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की विपुल संभावनाएं है। इस पर जोर दिया जाए।
- बांस की खेती की संभावनाएं है। बांस जोन बनाया जा सकता है।

Published on:
22 Sept 2021 08:47 pm
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