जिला कलक्टरों की निगरानी में होगा आवेदन पत्रों का निस्तारण
कोटा. प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए राजनीतिक गतिविधियां भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी हैं। सरकार भी विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को लुभाने में जुटी है। इसी के तहत प्रदेश में दस लाख परिवारों को खाद्य सुरक्षा की सूची में जोड़ने की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए पिछले दिनों पात्र लोगों से ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। इन आवेदन पत्रों की जांच कर निस्तारण का जिम्मा जिला कलक्टरों को सौंपा है। कोटा जिले में 48 हजार से अधिक अल्प आय वर्ग के लोगों ने खाद्य सुरक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर जारी परिपत्र में कहा गया कि कुछ स्थानों पर वास्तविक रूप से जरूरतमंद, अल्प आय वर्ग के परिवार खाद्य सुरक्षा से वंचित हैं। ऐसे परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रता की सूची में जोड़ते हुए दस लाख नए परिवार जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। जो आवेदन पोर्टल पर प्राप्त हुए हैं, उनके निस्तारण की प्रक्रिया 16 सितम्बर से शुरू कर दी है।
बजट घोषणा की क्रियान्विति पर जोर
खाद्य सुरक्षा में पात्र लोगों के नाम जोड़ने की मुख्यमंत्री की बजट घोषणा है, इसलिए इसकी निगरानी प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव खुद कर रही हैं। सीएस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लेकर आवेदन पत्रों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
ये दिए निर्देश
. जिला कलक्टर अपने जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच एवं समयबद्ध निस्तारण के कार्य का प्रभावी पर्यवेक्षण करेंगे। इसके लिए आरएएस अधिकारी यथासंभव सहायक कलक्टर एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी का सहयोग भी लिया जा सकता है।
. प्राप्त आवेदनों का निस्तारण किए जाने के लिए संबंधित क्षेत्र के उपखण्ड अधिकारी उनके अपने-अपने क्षेत्र के लिए प्राधिकृत अधिकारी हैं।
. आवेदन पत्रों के निस्तारण के दौरान कमी-पूर्ति तीन दिन के भीतर किया जाना अनिवार्य है।
. संबंधित प्राधिकृत अधिकारी आवेदन पत्र की पूर्ण रूप से जांच करेगा तथा आवेदन पत्र पूर्णत: सही पाए जाने पर ही आवेदक का नाम जोड़ने का निर्णय करेगा।
.आवेदन पत्र को स्वीकार करने से पूर्व विभागीय अधिसूचना में बताए गए निष्कासन श्रेणी के मापदण्ड का विशेष रूप से ध्यान रखते हुए अपीलों का निस्तारण किया जाए।