अकलेरा नगरपालिक का मामला
झालावाड़। राजस्थान उच्च न्यायालय ने गत 21 मार्च को अकलेरा नगरपालिका अध्यक्ष विजय लक्ष्मी को हटाने के जिला न्यायाधीश के आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी। हाइकोर्ट से स्टे मिलने के बाद विजयलक्ष्मी ने शुक्रवार को अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी ने इस मामले भी स्वायत्तशासन विभाग से मार्गदर्शन मांगा है।
वर्ष 2021 में नगरपालिका में कांग्रेस का बोर्ड बना था। कांग्रेस की विजयलक्ष्मी भाजपा की कैलाश बाई को हराकर अध्यक्ष बनी थी। कैलाश बाई ने जिला न्यायाधीश के समक्ष याचिका पेश कर विजय लक्ष्मी का निर्वाचन निरस्त करने की प्रार्थना की थी। कैलाशबाई का कहना था कि विजयलक्ष्मी का पति विनोद यादव नगरपालिका में वरिष्ठ लिपिक के पद पर है। कानूनन अध्यक्ष का परिजन नगरपालिका में किसी लाभ के पद पर नहीं रह सकता।
जिला न्यायाधीश ने गत 21 मार्च को याचिका स्वीकार करते हुए विजय लक्ष्मी का चुनाव निरस्त कर दिया था और कैलाश बाई को अध्यक्ष घोषितक किया था। जिला न्यायालय के आदेश की पालना ने कैलाश ने अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया था।
जिला न्यायालय के आदेश के खिलाफ विजयलक्ष्मी ने उच्च न्यायालय में अपील की थी। इस पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने जिला न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। ïउच्च न्यायालय के आदेश के बाद विजयलक्ष्मी ने शुक्रवार शाम को पूर्व विधायक कैलाश मीणा की मौजूदगी में फिर से अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया। कैलाशबाई दस दिन अध्यक्ष रही।
एपीओ चल रहा पति अध्यक्ष विजयलक्ष्मी के पति विनोद कुमार यादव को प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद एपीओ कर जयपुर लगा दिया गया। वर्तमान में वे जयपुर में ही है।
'' स्वायत्त शासन निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा गया है। वहां से मार्गदर्शन मिलने के बाद ही विजयलक्ष्मी को शपथ दिलाई जाएगी।
दुर्गाशंकर मौर्य, अधिशासी अधिकारी अकलेरा