पत्रिका के खुलासे के बाद डेयरी एमडी ने आनन-फानन में सेवाएं समाप्त करने का जारी किया आदेश
झालावाड़. झालावाड़-बारां दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (झालावाड़ डेयरी) की प्रबंध निदेशक प्रमोद चारण ने एक आदेश जारी कर डेयरी में मोटी तनख्वाह पर रखे गए तकनीकी सलाहकार की सेवाएं समाप्त कर दी है।
राजस्थान पत्रिका की ओर से तकनीकी सहायता के नाम पर 25 हजार मासिक पारिश्रमिक पर सलाहकार रखने का मामला उजागर किया था। जिस व्यक्कि को तकनीकी सहायता के लिए रखा गया था वह खुद निजी दूध डेयरियों को दूध की आपूर्ति करता था। बीएमसी संचालित करते हैं। उन्होंने आते ही एमडी को ऐसी सलाह दी कि डेयरी में दूध का उत्पादन बंद कर दिया।
डेयरी बंद हुई तो रोजी-रोटी पर संकट आएगा, सरकार से फंड मांगा
झालावाड़. झालावाड़ दूध डेयरी के अधीन आने वाली जिले की प्राथमिक दुग्ध समितियों की बैठक गुरुवार को डेयरी परिसर में आयोजित की गई। इसमें डेयरी के सुव्यस्थित संचालन के संबंध में मंथन किया गया। साथ ही समितियों की देनदारियों की जानकारी भी ली गई।
बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद शर्मा ने कहा कि डेयरी जब तक धुआं उगलेगी तब तक उनके घर के चूल्हे भी निर्बाध रूप से जलते रहेंगे। इसलिए समन्वित प्रयासों से डेयरी के पुनर्संचालन के लिए प्रयास करने की जरूरत है। किसी कारण से डेयरी बंद हो जाती है रोजी-रोटी का संकट आ जाएगा। इसलिए डेयरी समितियों के बकाया के संबंध में धैर्य रखा जाए। सरकार और आरसीडीएफ से वार्ता कर भुगतान दिलाने का पूरा प्रयास होगा। शर्मा ने प्रबंधन से डेयरी में जमा घी को प्राथमिक समितियों की बकाया राशि के हिसाब से घी देने की बात की। ताकि समितियों का काम चल सके।
2.23 करोड़ देने है
शर्मा ने डेयरी के लेखा अनुभाग के विजेंद्र ङ्क्षसह से प्राथमिक समितियों की बकाया राशि के बारे में जानकारी ली तो बताया कि दो करोड़ बीस लाख 23 हजार 844 रुपए अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर 2021 तक बकाया है।