झालावाड़

अस्पताल: मौसमी बीमारियों के चलते जिले की सीएचसी-पीएचसी में प्रतिदिन बढ़ रही ओपीडी, डॉक्टरों की कमी से बढ़ी पीड़ा

राजकीय अस्पताल मे चिकित्सकों का टोटा होने से यहां आने वाले रोगियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
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अस्पताल: मौसमी बीमारियों के चलते जिले की सीएचसी-पीएचसी में प्रतिदिन बढ़ रही ओपीडी, डॉक्टरों की कमी से बढ़ी पीड़ा
Hospital: Due to seasonal diseases, increasing daily OPD in CHC-PHC o

खानपुर. कस्बे के राजकीय अस्पताल मे चिकित्सकों का टोटा होने से यहां आने वाले रोगियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रही कसर विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हो जाने से पूरी हो गई है।
यहां कार्यरत फिजिशियन डॉ. परमानन्द शर्मा ने एक वर्ष पूर्व अस्पताल को छोड़कर अकलेरा मे निजी अस्पताल ज्वाइन कर लिया। इसके बाद सोमवार को स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेशपाल यादव ने भी एक वर्षीय एसआरशिप के लिए मेडिकल कॉलेज ज्वाइन कर लिया। ऐसे मे दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हो गए है। एक सप्ताह पूर्व खानपुर चिकित्सालय में लगे चिकित्सक मनोज गुप्ता द्वारा अब तक ज्वाइन ही नहीं किया गया है। यहां नेत्र रोग, शिशु रोग, दंत रोग, कनिष्ठ विशेषज्ञ मेडिसिन के पद लंबे समय से रिक्त चल रह है। ऐसे मे कस्बे सहित दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों को विशेषज्ञ सेवाओं से वंचित है।
इन दिनों मौसमी बीमारियों के चलते अस्पताल मे ओपीडी 350 से 400 के पार जा रही है। लेकिन चिकित्सकों के अभाव मे रोगियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं रोगियों की भीड़ के चलते ओपीडी के लिए कतार मे लगकर इन्तजार करना पड़ रहा है।
अधिक राशि देकर करा रहे है सोनोग्राफी
खानपुर. यहां लंबे समय से सोनोग्राफी मशीन की मांग के बावजूद राज्य सरकार द्वारा सुविधा उपलब्ध नहंी कराने से रोगियों को दोगुने दाम देकर सोनोग्राफी के लए अन्यत्र जाना पड़ रहा है। जबकि सारोला जैसे अस्पताल मे सोनोग्राफी मशीन संचालित है। चिकित्सा प्रभारी डॉ. डीजी मिश्रा ने बताया कि स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेशपाल यादव ने1 साल की एसआरशिप के लिए मेडिकल कॉलेज झालावाड़ ज्वाईन किया है। ऐसे में अस्पताल में चिकित्सकों की कमी हो रही है।
हिम्मतगढ़ पीएचसी में चिकित्सक नहीं
पिड़ावा. क्षेत्र के हिम्मतगढ़ में स्थित पीएचसी में पिछले 8 दिनों से चिकित्सक नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण दुर्गा प्रसाद, बालचंद दांगी, मांगीलाल दांगी, बद्रीलाल दांगी, कन्हैयालाल दांगी, संजय कुमार दांगी, रामदयाल दांगी, मुकेश कुमार दांगी, दिनेश कुमार, पवन कुमार सहित कई ने बताया कि पिछले चिकित्सक का ट्रांसफर होने के बाद से यहां कोई चिकित्सक नई होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छोटी छोटी बीमारियों के लिए पिड़ावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ रहा है, जो कि हिम्मतगढ़ से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिससे ग्रामीणों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सीएचसी में चिकित्सक लगाने की मांग की।
मौसमी बीमारियों से बढ़ी मरीजों की संख्या
रटलाई. कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मौसमी बिमारियों के चलते प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कस्बे के अस्पताल में सोमवार सुबह की ओपीडी में करीब 190 मरीज इलाज करवाने पहुंचे। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में करीब 8 2 गांवों के लोग यहां पर इलाज करवाने के लिए आते हैं। इन दिनों मौसम परिवर्तन के साथ ही मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया जिसमें बुखार, सर्दी, जुकाम, टाइफायड व खांसी के अधिक है। अस्पताल में सुबह 8 बजे से ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ती है। कस्बे के चिकित्सालय में ओपीडी के दौरान मरीजों को जमवाड़ा रहता है। जिसके कारण लोगों को कई घंटों तक इलाज व जांच के लिए इंतजार करना पड़ता है। पांच में से दो चिकित्सक के पद भरे है इससे परेशानियां हो रही है।

Published on:
31 Jul 2018 03:37 pm