क्या आप बच्चे की दवाई लेने जा रहे तो सावधान, बच्चों की एक दर्जन सिरप के सैंपल फैल
झालावाड़. इस साल सरकारी दवाओं के करीब एक दर्जन से अधिक नमूने फेल हुए हैं। इन दवाओं को औषधि भंडार में निशुल्क दवा योजना के तहत वितरण के लिए भेज दिया था। सरकार ने अभी जांच में फेल दवाओं को वापस नहीं मंगवाया है। जानकारों के मुताबिक वर्ष २०१७ में जयपुर में सरकारी दवाओं की सप्लाई झालावाड़ जिला औषधि भंडार को दी गई थी। यहां पहुंची दवाओं के नमूने भंडार ने जांच के लिए भेज दिए थे। तब तक दवाओं का वितरण नहीं किया गया। जांच में एक दर्जन दवाओं के नमूने फेल हो गए। इसके बाद इन दवाओं के वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। यह दवाएं भंडार में ही रखी है। इन दवाओं को उच्च स्तर से निर्देश मिलने के बाद निदेशालय भेजा जाएगा। गौरतलब है कि यह दर्द की टेबलेट, बच्चों का सीरप, एलर्जी टेबलेट, एंटी बॉयोटिक इंजेक्शन, बच्चों के दस्त का सीरप, बच्चों की एक टेबलेट, ब्लडप्रेशर की गोली, मूत्र रोग व प्रसव के दौरान काम में लिया जाने वाला एक इंजेक्शन सहित अन्य दवाओं के नमूने फेल हुए थे।
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ड्ढ ड्ढइन दवाओं की सप्लाई रोक-
रोक- जिले में निशुल्क दवा योजना की सप्लाई के तहत अगस्त २०१६ में एमिकासल्फाइट इंजेक्शन के नमूने लिए गए थे। इसकी जांच रिपोर्ट जनवरी २०१७ में मिली। इसमें इसके सैंपल फेल पाए गए थे। इसी तरह कुछ दिनों पूर्व पेरोसिटामोल सिरप, इयर ड्रॉप, सेफाट्रेटाजाइम एंटीबायोटिक इंजेक्शन के सैंपल लिए है। इनकी जांच रिपोर्ट तो अभी नहीं मिली। लेकिन इनकी आपूर्ति रोक दी है। इनके अलावा एस्प्रिन, सिरप मेट्रोनिडाजोल, एमोक्सिलीन, इयर ड्रॉप निमोसिन पोली, बी हाइड्रोकारटोसोन की आपूर्ति भी रोक दी है।
इधर हड़ताल से हो रही परेशानी-
झालावाड़. प्रदेश आह्वान पर जिले में जारी चिकित्सकों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। मेडिकल कॉलेज में कार्यरत रेजीडेंट डॉक्टर भी राजकीय सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में सात दिन से हड़ताल पर है। वहीं रविवार से चिकित्सकों के समर्थन में इन्र्टनशिप करने वाले प्रशिक्षु डॉक्टर भी हड़ताल पर चले गए है। राजस्थान सेवारत चिकित्स्क संघ के समर्थन में सोमवार को झालावाड़ जिले के निजी अस्पतालों ने हड़ताल में अपना समर्थन देते हुए सुबह 9 बजे से 11 बजे तक पेन डाउन रख चिकित्सा सेवा 2 घंटे के लिए पूरी तरह बंद रखी।
निजी चिकित्सालय भी समर्थन में रहे बंद-
बंद के समर्थन में एमजे मंजू हॉस्पिटल खानपुर, बाला जी ओर्थोपेडिक हॉस्पिटल झालावाड़, शीला हॉस्पिटल भवानीमंडी, ट्रॉमा सेंटर, संजीवनी व्यास हॉस्पिटल व समर्पण हॉस्पिटल झालावाड़ ने 2 घंटे अपनी सेवाएं बंद रखी। डॉ. जीएस चौहान एवं शहर के कई अन्य चिकित्सको ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध प्रदर्शित किया।
इतने चिकित्सक है हड़ताल पर-
जिलेभर में १३० सेवारत चिकित्सक व ९५ रेजीडेंट चिकित्सक हड़ताल पर है। हालांकि जिला मुख्यालय पर हड़ताल से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सक नहीं होने से ग्रामीणों को छोटी-मोटी बीमारी के लिए भी जिला मुख्यालय पर आना पड़ रहा है। जिलेभर में सोमवार को निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों ने भी अपने अस्पताल बंद रखकर हड़ताल का
बंद के समर्थन में एमजे मंजू हॉस्पिटल खानपुर, बाला जी ओर्थोपेडिक हॉस्पिटल झालावाड़, शीला हॉस्पिटल भवानीमंडी, ट्रॉमा सेंटर, संजीवनी व्यास हॉस्पिटल व समर्पण हॉस्पिटल झालावाड़ ने 2 घंटे अपनी सेवाएं बंद रखी। डॉ. जीएस चौहान एवं शहर के कई अन्य चिकित्सको ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध प्रदर्शित किया।
इतने चिकित्सक है हड़ताल पर-
जिलेभर में १३० सेवारत चिकित्सक व ९५ रेजीडेंट चिकित्सक हड़ताल पर है। हालांकि जिला मुख्यालय पर हड़ताल से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सक नहीं होने से ग्रामीणों को छोटी-मोटी बीमारी के लिए भी जिला मुख्यालय पर आना पड़ रहा है। जिलेभर में सोमवार को निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों ने भी अपने अस्पताल बंद रखकर हड़ताल का