झालावाड़

अवैध कट रही कॉलोनियां,तालाब भी नहीं छोड़े

  -अतिक्रमण की भरमार: आम नागरिक बोले स्वायत शासन मंत्री करें हस्तक्षेप, रियासतकालीन तालाबों को बचाएं

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अवैध कट रही कॉलोनियां,तालाब भी नहीं छोड़े



झालावाड़.शहर में हर तरफ अतिक्रमण की भरमार है। कहीं राजकीय भूमि पर तो कहीं अवैध तरीके से कृषि भूमि पर कॉलोनिया काटी जा रही है। जिम्मेदार विभाग नगर परिषद के अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं।
सूत्रों ने बताया कि नगर परिषद द्वारा ध्यान नहीं देने पर शहर में दो दर्जन कृषि भूमि पर कॉलोनिया कट चुकी है, लेकिन नगर परिषद की राजस्व शाखा इसे नजर अंदाज कर रही है। ऐसे में कृषि भूमि को कन्र्वट करवाने से प्रति बीघा 20 लाख रुपए की आय का नगर परिषद को नुकसान हो रहा है।
जिला मुख्यालय पर ही कॉलोनी काटने के नियमों को दरकिनार कर अवैध तरीके से कॉलोनी काटी जा रही है, तो कई स्थानों पर अतिक्रण कर पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। लेकिन जिला मुख्यालय पर बैठे आला अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर में तालाबों व सरकार भूमि सहित कई स्थानों पर अतिक्रमण कर लिए गए है। तो रियासत कालीन तालाब पर भी अतिक्रमण हो रहे हैं।
शहर में स्थित रियासत कालिन तालाब मदारी इन दिनों अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया है। इस तालाब के चारों ओर अतिक्रमी सक्रिय है। ऐसे में तालाब का स्वरूप भी नष्ट होता जा रहा है। शहर में करीब नया तालाबए गोदाम की तलाई, धनवाड़ा तालाब सहित एक दर्जन तालाब व तलाईयां स्थित, लेकिन अतिक्रमण से यह सिमटते जा रहे है।ऐसे में यहां जिला प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो देखते-देखते चारो ओर इमारते खड़ी नजर आएगी। तालाब में लोग पहले कच्चे घर बनाते है फिर धीरे-धीरे पक्के मकान बना लेते है,वही प्रशासन मूक बन कर देखता रहता है। ऐसे में अतिक्रमी बाद में बस्ती में पट्टे बनाकर वितरित करते हैं, ये काम तालाब के चारों ओर हो रहा है।

मदारी खां तालाब में खेड़े हो गए पक्के मकान-
जानकारों ने बताया कि ये रियासत कालीन तालाब है अगर जिला प्रशासन ने समय से ध्यान नहीं दिया तो इसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। तालाब के किनोर में करीब डेढ़ हजार मकान बन गए। करीब एक दशक से इस तालाब पर अतिक्रमण होना शुुरु हुआ व विगत पांच वर्षो में तो तेजी से तालाब में मकान बनना शुरु हो गए जो वर्तमान में भी जारी है। वहीं कोरोना लॉकडाउनसे ही तालाब किनारे जोरों से निर्माण कार्य चल रहे हैं। वर्तमान में यह नगर परिषद की जगह राजस्व विभाग के अधीन आता है इसलिए भी लोग बेखौफ होकर अतिक्रमण कर रहे हैं। शहर में बस स्टैंड के आसपास, राडी के बालाजी रोड, ईदगाह रोड, नई जेल रोड सहित कई स्थानों पर अतिक्रमणी पैर पसार रहे हैं।

मदारी खां के नाम पर पड़ नाम-
शहर के वरिष्ठ नागरिक रामप्रसाद ने बताया कि पहले मदारी खां तालाब पूरा लबालब भरा रहता थाए जो राष्ट्रीय राजमार्ग से पूरा नजर आता था। बारिश के दिनों में तो निर्भय सिंह सर्किल तक इसका पानी फैल जाता थाए देखते देखते ही यहां मकान बनते चले गए व तालाब की जगह अब बस्ती नजर आती है। प्रशासन को इसके लिए ठोस योजना बनाना चाहिए। जागरूक नागरिकों ने स्वायत शासन मंत्री से इस बारे में मांग की है कि ऐसी धरोहरों को संरक्षित कर बचाने का काम करें। वहीं दुर्गालाल ने बताया कि ये शहर के बीच में स्थित होने से पहले इसके पानी का भरपूर उपयोग होता था। कालान्तर में इसकी पाल पर पहले अतिक्रमण हुआ इसके बाद धीरे धीरे तालाब को घेर लिया गया। सरकार को इसके लिए योजना बना कर कार्रवाई करना चाहिए। इस तालाब का नाम सैनिक पलटन के मुखिया मदारी खां के नाम पर इसका नाम मदारी खां तालाब पड़ा था।


यहां कट रही अवैध कॉलोनियां, नप को करोड़ों का नुकसान-
सूत्रों ने बताया कि नगर परिषद द्वारा ध्यान नहीं देने पर शहर के आसपास कृषि भूमि पर दो दर्जन अवैध कॉलोनियां कट चुकी है।लेकिन नगर परिषद के राजस्व शाखा इसे नजर अंदाज कर रही है। ऐसे में कृषि भूमि को कन्र्वट करवाने से प्रति बीघा करीब 20 लाख रुपए की आय नगर परिषद को होती है, इसका भी परिषद को नुकसान हो रहा है। ऐसे में सवालउठता है कि बिना अनुमति के कैसे कॉलोनियां काटी जा रही है। शहरमें कोटा रोड, खास राडी, राडी के बालाजी रोड, झालरापाटन रोड, हल्दी घाटी रोड, संजीवनी हॉस्पीटल के पीछे,गागरोन रोड, खंडिया तालाब के पास, धनवाड़ा तालाब के पास, खानपुर रोड सहित कई क्षेत्रों में अवैध तरीके से कॉलोनियां काटी जा रही है।

कार्रवाई करेंगे-
शहर में धनवाड़ा, मदारी खंा सहित अन्य तालाबों पर अतिक्रमण हो रहा है तो पता करवाकर कार्रवाई करेंगे। ताकि इनका स्वरूप नहीं बिगड़े। वहीं अवैध तरीके से कट रही कॉलोनियां को भी दिखवाते हैं।
मो.जुनैद, उपखंड अधिकारी, झालावाड़

Published on:
20 Dec 2020 09:27 pm
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