बात 1976 की है। तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के निजी सचिव रामगोपाल सेन झालावाड़ निवासी थे। उन्हीं के आग्रह पर पहली बार 1976 में जोशी झालावाड़ आए। उस वक्त मुख्यमंत्री के आने की सूचना हुई तो प्रशासन ने बरसों से खुदी पड़ी पुरानी कोतवाली की सड़क को रातोंरात बना दिया।
झालावाड़/पत्रिका। बात 1976 की है। तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के निजी सचिव रामगोपाल सेन झालावाड़ निवासी थे। उन्हीं के आग्रह पर पहली बार 1976 में जोशी झालावाड़ आए। उस वक्त मुख्यमंत्री के आने की सूचना हुई तो प्रशासन ने बरसों से खुदी पड़ी पुरानी कोतवाली की सड़क को रातोंरात बना दिया। इतना ही नहीं, इस सड़क पर डामरीकरण कर चकाचक कर दिया। इससे लोगों को बड़ी राहत मिली।
मुख्यमंत्री जब पहुंचे उनकी झलक पाने व समस्याओं से अवगत करवाने को लेकर हुजूम उमड़ गया। उन्होंने निजी सचिव के आवास में जनता दरबार लगाकर तीन घंटे आमजन की समस्याएं सुनी और निस्तारण किया। मुख्यमंत्री से लोगों ने राड़ी के बालाजी मंदिर के विकास के बारे में आग्रह किया। इसके बाद जोशी कार में बैठकर राड़ी के बालाजी मंदिर पहुंचे।
उन्होंने बालाजी के दर्शन कर उनकी जेब से एक पर्ची निकाली जिसमें उनके द्वारा जनता की मांग पर अमल करते हुए राड़ी बालाजी तक पक्की सड़क समेत विद्युतीकरण के साथ इस धरोहर को प्रशासन की देखरेख में विकसित करने की घोषणा थी। इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे डाक बंगला पहुंचे और भोजन किया और जयपुर प्रस्थान कर गए।
जैसा निजी सचिव के भतीजे पूर्व शिक्षा अधिकारी अंबालाल सेन ने बताया।