झालावाड़

संरक्षण नहीं होने से उल्टा मंदिर जर्जर

अनदेखी: पुरातत्व विभाग की अनदेखी व उदासीनता से मंदिर में रखी मूर्तियां टूटी, खंभा भी क्षतिग्रस्त
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संरक्षण नहीं होने से उल्टा मंदिर जर्जर
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रटलाई. सरकार जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पुराने और ऐतिहासिक इमारतों और भवनों का जीर्णाेद्धार कर संरक्षण कर रही है, लेकिन कस्बे की ग्राम पंचायत भवन के यहां स्थित ऐतिहासिक धरोहर उल्टा मंदिर का सरंक्षण व देेखरेख नहीं हो रही है। मंदिर का एक खंबा आगे खिसक गया है, इससे कभी भी मंदिर ढह सकता है। जानकारी के अुनसार स्थानीय ग्रामीण लोग उल्टे मंदिर को ढाबा के नाम से जानते हैं। यह १८वीं शताब्दी का है, तंत्र पीठ के रूप में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मंदिर में बावन भैरू, हनुमान, २४ जोगनियां, शिव-पार्वती की प्राचीन मूर्तियां हैं। पुरात्त्व विभाग की अनदेखी व उदासीनता से इसमें रखी कई मूर्तियां टूट चुकी हैं और कई इधर-उधर हो गई हैं। मालवा व हाड़ौती में इसके बारें में लोग जानकारी लेते हैं। प्रतिवर्ष सैकड़ों लोग इसको देखने के लिए आते हैं। यह बिना नींव, रेत व चुने से बना है, इसकी निर्माण कला को देख कर लोग चकित रह जाते हैं। कस्बे के लोगों का कहना है कि यहां विभाग का इस पर किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं देने से इसमें आवारा पशु का बसेरा बन गया है। पुरातत्त्व विभाग द्वारा इसका जीर्णोद्धार कर दिया जाए तो पर्यटन के केन्द्र के रूप में पुन: प्राचीन व ऐतिहासिक धरोहर के रूप में पहचान हो सकती है। लोगों ने कई बार इसकी मांग भी उठाई। इसके बावजूद भी ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण नहीं हो सका।
उड़ते हुए मंदिर को तांत्रिकों ने उतारा
लाल पत्थरों से बने प्राचीन तंत्रपीठ के बारे में कहानी कही-सुनी जाती है कि इसे तांत्रिक मंत्र के बल से उड़ाकर ले जा रहा था।तांत्रिकों ने अपनी मंत्र शक्ति के मध्य आकाश मार्ग में रोककर उल्टे तरीके से उतारा जमीन पर टिका दिया। इसमें नींव व चुनाई नहीं है। ऊंचे-नीचे पत्थरों पर व्यवस्थित रूप से टिका है। विपरित प्रक्रियाओं के कारण इसे उल्टा तंत्रपीठ या ढाबा कहते हैं।
संरक्षण की मांग
इस उल्टे मंदिर का संरक्षण और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विकसित करने के लिए कई ग्राम पंचायत एवं कस्बे के नेहरू युवा मण्डल सहित कई लोगों ने मांग की है।
ऐतिहासिक पïृष्ठ भूमि
इस मंदिर के स्तम्भ पर १५८ अंकित हैं, जो संभवता इसके निर्माण काल को दर्शाता हैं। इस आधार पर इस तंत्रपीठ का निर्माण १८०० वर्ष पूर्व हुआ था। इस मंदिर का संबंधगौरेश्वर महादेव मंदिर से भी बताया जाता है।
--- रटलाई कस्बे जो मंदिर बताया गया है। वह मंदिर का एक हिस्सा मात्र है। लेकिन वह पुरातत्व विभाग के अधीन नहीं आता है।
उमरावसिंह, अधीक्षक, पुरातत्व विभाग, झालावाड़


सड़कों के निर्माण से अब खानपुर बनेगा स्मार्ट
--सीसी रोड का शिलान्यास: मेगा हाइवे बायपास पर भूमिपूजन
खानपुर. संसदीय सचिव नरेन्द्र नागर ने गुरुवार को कस्बे में ८.२५ करोड़ की लागत से बनने वाले सीसी रोड का शिलान्यास किया। नागर ने कहा कि अब सड़कों सहित करोड़ों के निर्माण कार्यों से कस्बे को स्मार्ट बनाया जाएगा।
६ अगस्त को ६० लाख की लागत से मेगा हाइवे बायपास पर बस स्टैण्ड का भूमि पूजन किया जाएगा। कस्बे में पूर्व में स्वीकृत ६.७५ करोड़ की सड़कों का निर्माण अंतिम चरण में हंै। अब ८.२५ करोड़ से पंचायत समिति, अटरू रोड, चांदखेड़ी होते हुए पुराने बस स्टैण्ड तक ३.२ किमी में सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा ६.९२ करोड़ की लागत से कस्बे का समूचा ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा। इसके अलावा सारोला रोड पर क्षतिग्रस्त सीसी रोड पर ९०० मीटर मे इन्टरलॉकिंग व शेष ४०० मीटर में एम ५० सीसी सड़क का निर्माण दरा-अरनिया सड़क निर्माण कम्पनी द्वारा किया जाएगा।
इसके अलावा बारां रोड पर रूपली नदी की पुलिया की मरम्मत व नवीनीकरण किया जाएगा। जबकि कस्बे के बड़ा बाजार को हाइवे से जोडऩे के लिए ७४ लाख की लागत से पुराने मुक्तिधाम होते हुए रूपाहेड़ा रोड तक मेगा हाइवे से जोड़ा जाएगा। समारोह की अध्यक्षता भाजपा जिला महामंत्री हेमन्तसिंह सोजपुर, विशिष्ठ अतिथि पूर्व मण्उी चेयरमैन मोतीलाल नागर, मंडल अध्यक्ष केशव पाठक, पनवाड़ मंडल अध्यक्ष विरेन्द्र शृंगी, मंडल प्रभारी अभयसिंह चन्द्रावत थे।
संचालन युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विशाल पार्थ ने किया। समारोह के दौरान भाजपा मंडल महामंत्री मोहनलाल मालव, श्याम शर्मा, मंत्री नजमुद्दीन बोहरा, सरपंच रामेश्वर नागर, कंवल्दा सरपंच दिनेश कटारिया, डोबड़ा सरपंच मनोज नागर सहित पदाधिकारियों ने स्वागत किया।

Updated on:
03 Aug 2018 03:58 pm
Published on:
03 Aug 2018 03:58 pm