झालावाड़

Jhalawar Tragedy: गुस्साए ग्रामीणों ने तोड़ी 3 गाड़ियां, पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा; हिरासत में नरेश मीणा

Jhalawar School Tragedy: झालावाड़ के पीपलोदी गांव के सरकारी स्कूल की जर्जर छत ढहने से 7 बच्चों की मौत और 28 बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया।

2 min read
फोटो- पत्रिका नेटवर्क

Jhalawar School Tragedy: झालावाड़ के पीपलोदी गांव के सरकारी स्कूल की जर्जर छत ढहने से 7 बच्चों की मौत और 28 बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। इस हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मनोहरथाना-अकलेरा रोड पर बुराड़ी चौराहे को जाम कर दिया और मुआवजे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने तीन पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

इस दौरान युवा नेता नरेश मीणा भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 1 करोड़ और घायलों के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे नरेश मीणा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।

ये भी पढ़ें

Jhalawar Tragedy: स्कूल में 7 बच्चों की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीण, चौराहा किया जाम; जानें क्या है मांग

हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़का

इधर, हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने मुआवजे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दौरे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी। नरेश मीणा ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मुआवजे की मांग पूरी नहीं हुई तो पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह को झालावाड़ में घुसने नहीं दिया जाएगा। इस दौरान अस्पताल परिसर में 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए और जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ व एसपी अमित कुमार ग्रामीणों को समझाने में जुटे।

यहां देखें वीडियो-


शिक्षा विभाग ने पांच शिक्षक सस्पेंड किए

वहीं, इससे पहले शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हेडमास्टर मीना गर्ग और चार शिक्षकों- जावेद अहमद, रामविलास लववंशी, कन्हैयालाल सुमन, और बद्रीलाल लोधा को निलंबित कर दिया। साथ ही राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षा निदेशक, और एसपी को नोटिस जारी कर 7 अगस्त तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने के निर्देश दिए।

भारी बारिश के कारण कमजोर छत ढही

बता दें, हादसे के समय 7वीं कक्षा के 35 बच्चे क्लासरूम में थे। भारी बारिश के कारण कमजोर छत ढह गई और बच्चे मलबे में दब गए। ग्रामीणों और शिक्षकों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, और घायलों को मनोहरथाना अस्पताल ले जाया गया, जहां से 25 बच्चों को झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर किया गया। मृतकों में मीना (8), कुंदन (10), पायल (14), कार्तिक (18), प्रियंका (14), कान्हा (6), और हरीश (8) शामिल हैं।

ये भी पढ़ें

Jhalawar Tragedy: अब तक 7 बच्चों की मौत, मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान; 5 शिक्षक निलंबित

Published on:
25 Jul 2025 06:49 pm
Also Read
View All

अगली खबर