One culvert is incomplete and the other has not been broken yet, how will there be relief in the rains, State Highway 119 road: construction work going on at a slow pace
भालता. क्षेत्र में हर साल नदी, नाले उफान पर रहने के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं। राहगीरों व वाहन चालकों की सुविधा के लिए स्टेट हाइवे 119 सड़क मार्ग में करीब आधा दर्जन पाइप पुलिया व नदी, नालों पर गरडा, उपसली व जगदीशपुरा बावड़ीखेड़ा के समीप बड़ी पुलियाओं का निर्माण होना है।
रटलाई-भालता मार्ग पर पाटलीखेड़ा में करीब 80 मीटर लंबी, 20 मीटर चौड़ाई व 8 मीटर ऊंचाई के हाईलेवल पुल की मजबूती के लिए ग्राउंड लेवल में ब्लास्टिंग की गई है। पिछले एक महीने से चल रहे काम में अभी तक पिल्लर निर्माण, स्लैब व सुरक्षा दीवार का निर्माण होना शेष है। यहां आवागमन के लिए बनाया बायपास भी लोगों को दर्द दे रहा है। बारिश में आवागमन सुचारू रखने के लिए बड़ी व ऊंची पुलिया बननी है। बावड़ीखेड़ा घाटी के समीप भी पिल्लर पुलिया बनेगी। जिनका कार्य अभी अधूरा है।
वाहन चालकों की बढ़ रही परेशानी
इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालको को परेशानी हो रही है। कार्य की धीमी रफ्तार इस मार्ग से निकलने 50 गांव के लोगों को चिंता में डाल दिया है। 20 जून के आसपास मानसून सक्रिय हो जाता है। बारिश से पहले यदि पुल नहीं बने तो आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। बैरागढ़, गेहूंखेड़ी, आसलपुर व भालता पंचायत के करीब 50 से अधिक गांवों के लोगों की आवाजाही इस मार्ग से होती है। साथ ही मध्यप्रदेश के लिए लोग भी इस रास्ते से सफर करते हैं। नई पुलिया बारिश से पहले तैयार नहीं हुई तो हर साल की तरह ही लोगों की राह रुक जाएगी । पानी की तेज आवक के कारण बारिश में कई बार मार्ग अवरुद्ध हो जाता है । करण सिंह, सुरेश, नानूराम भील, कमलेश भील आदि ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में पुलिया पर करीब 3 फुट पानी की चादर चलती है। यहां बारिश में मार्ग बंद हो जाता है। हाईलेवल पुल से राहगीरों को राहत मिलेगी।
यहां भी अधूरी पुलिया