झालावाड़

अकलेरा कृषि उपज मंडी में गड़बड़ी का आरोप

Allegations of irregularities in Aklera agricultural produce market

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  • अकलेरा. नगर की कृषि उपज मंडी समिति द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए चौकीदारी, पानी, सफाई एवं कंप्यूटर आपरेटर की निविदा 13 जून को जारी की गई। इस निविदा में ऐसी संस्थाओं ने टेंडर डाले जो पूर्व में ब्लैकलिस्ट हो चुकी है। इनमें एक फर्म पर तो ईएसआई के करीब 14 लाख रुपए के गबन का आरोप भी है। इन ब्लैक लिस्टेड संस्थाओं ने झूठा शपथ पत्र पेशकर निविदा में भाग लिया।

अकलेरा. नगर की कृषि उपज मंडी समिति द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए चौकीदारी, पानी, सफाई एवं कंप्यूटर आपरेटर की निविदा 13 जून को जारी की गई। इस निविदा में ऐसी संस्थाओं ने टेंडर डाले जो पूर्व में ब्लैकलिस्ट हो चुकी है। इनमें एक फर्म पर तो ईएसआई के करीब 14 लाख रुपए के गबन का आरोप भी है। इन ब्लैक लिस्टेड संस्थाओं ने झूठा शपथ पत्र पेशकर निविदा में भाग लिया।

एक ठेकेदार ने निविदा में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री समेत उच्च अधिकारियों को की है। मंडी सचिव से जब इस मामले मे बात की तो गोल मोल जवाब देकर पल्ला झाडने का प्रयास कर रहे हैं। मंडी सचिव कई तरह-तरह के नियमों का हवाला देकर पूरे मामले में कमेटी का फैसला बताकर पल्ला झाड रहे है। जबकि इस निविदा प्रकरण में साफ तौर पर गडबडझाला दिखाई दे रहा है।

  • जब कृषि उपज मंडी अकलेरा के सचिव फूलचंद मीणा से इस प्रकरण पर बात की गई और उन्हें बताया कि निविदा में ब्लैक लिस्ट फर्मे शामिल है। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई होगी या नहीं। इस पर मीणा उन्हीं फर्म की पैरवी करने लगे। इन ब्लैकलिस्टेड फर्मो को टेक्निकल बीट में पास भी कर दिया गया। मंडी सचिव का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। इनको तकनीकी बीट में पास किया है, इनको कोई वित्तीय आदेश जारी नहीं किया गया। शिकायत मिलने पर हमने फर्म से स्पष्टीकरण मांगा था। स्पष्टीकरण दिया है कि ब्लैक लिस्ट हुए दो वर्ष पूरे हो गए हैं। इसलिए हमने इसको पास कर दिया। मीणा का कहना है कि ऐसे छोटी-छोटी बातों को देखते है तो फिर हमें दिक्कत आती है।
Published on:
17 Jul 2024 02:44 pm
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