सुनेल.झालावाड़ जिले के कई क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर माताजी की सवारी के धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलने के दर्शन किए। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे देवनारायण मंदिर पर भक्ति व श्रद्घा से सराबोर लोगों ने इस दौरान जयकारे लगाए। घोड़ले एक हाथ में नंगी तलवार व दूसरे में खप्पर लिए हुए […]
सुनेल.झालावाड़ जिले के कई क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर माताजी की सवारी के धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलने के दर्शन किए। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे देवनारायण मंदिर पर भक्ति व श्रद्घा से सराबोर लोगों ने इस दौरान जयकारे लगाए। घोड़ले एक हाथ में नंगी तलवार व दूसरे में खप्पर लिए हुए थे। घोडले की पूजा अर्चना व आरती की गई। देवनारायण मंदिर के थानकपरचबूतरे पर 11 हाथ लम्बी व दो फीट चौड़ीघूणी में धधकते अंगारों व आग की लपटों पर लालबाई माताजी, कालेश्वर महाराज,कालका माताजी,ज्वाला माताजी और खोडिय़ा महाराज के घोड़ले गुजरे तो श्रद्घालु जय-जयकार करने लगे।