झालावाड़

धधकते अंगारों पर निकले घोड़ले

सुनेल.झालावाड़ जिले के कई क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर माताजी की सवारी के धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलने के दर्शन किए। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे देवनारायण मंदिर पर भक्ति व श्रद्घा से सराबोर लोगों ने इस दौरान जयकारे लगाए। घोड़ले एक हाथ में नंगी तलवार व दूसरे में खप्पर लिए हुए […]

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  • सुनेल. झालावाड़ जिले के कई क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर माताजी की सवारी के धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलने के दर्शन किए।

सुनेल.झालावाड़ जिले के कई क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर माताजी की सवारी के धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलने के दर्शन किए। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे देवनारायण मंदिर पर भक्ति व श्रद्घा से सराबोर लोगों ने इस दौरान जयकारे लगाए। घोड़ले एक हाथ में नंगी तलवार व दूसरे में खप्पर लिए हुए थे। घोडले की पूजा अर्चना व आरती की गई। देवनारायण मंदिर के थानकपरचबूतरे पर 11 हाथ लम्बी व दो फीट चौड़ीघूणी में धधकते अंगारों व आग की लपटों पर लालबाई माताजी, कालेश्वर महाराज,कालका माताजी,ज्वाला माताजी और खोडिय़ा महाराज के घोड़ले गुजरे तो श्रद्घालु जय-जयकार करने लगे।

  • आकोदिया मार्ग पर वर्षो से चली आ रही परम्परा के तहत गुरुवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे लालबाई माता थानक पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्ति व श्रद्घा से सराबोर लोगों ने माताजी की सवारी के धधकते अंगारो पर नंगे पैर चलने के दर्शन किए। माताजी के सवारी के घोड़ले दोपहर डेढ़ बजे लालबाई माताजी के थानक से ढोल नगारों क ेसाथ लालबाई माताजी, चामुंडा माताजी, दुधाखेड़ी माताजी, दुर्गा माताजी,कालका माताजी के घोड़ला एक हाथ में नंगी तलवार व दूसरें में खप्पर लिए हुए थे। घोडले की पूजा अर्चना व आरती की गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे लालबाई माताजी के थानक पर वंहा बने चबूतरे पर सवा नों हाथ लम्बी व सवा हाथ चौड़ीघूणी में धधकते अंगारो व आग की लपटों पर लालबाई माताजी, चामुंडा माताजी, दुधाखेड़ी माताजी, दुर्गा माताजी,कालका माताजी के घोड़ले जैसे ही धधकते अंगारो (चूल) से निकले तो श्रद्घालुओं ने जयकारे लगाए।
Updated on:
10 Oct 2024 10:13 pm
Published on:
10 Oct 2024 10:12 pm
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