सुनेल. करवा चौथ सनातन धर्म का एक बड़ा त्योहार है। यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस बार करवा चौथ का पर्व 20 अक्टूबर रविवार को होगा। इसके लिए महिलाओं ने तैयारियां शुरू कर दी है। बाजार में भी खरीदारी को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। करवा चौथ पर पूजन […]
सुनेल. करवा चौथ सनातन धर्म का एक बड़ा त्योहार है। यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस बार करवा चौथ का पर्व 20 अक्टूबर रविवार को होगा। इसके लिए महिलाओं ने तैयारियां शुरू कर दी है। बाजार में भी खरीदारी को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। करवा चौथ पर पूजन और श्रृंगार के सामान की खरीदारी परवान पर है। करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए करती है। ऐसी मान्यता है कि व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है। करवा चौथ व्रत सूर्योदय से प्रारंभ होकर चंद्रोदय के साथ संपन्न होता है। महिलाओं को करवा चौथ को लेकर काफी इंतजार रहता है।
व्रत पर पूजा की विधि और समय
करवा चौथ के दिन 20 अक्टूबर रविवार की शाम को 5.46 बजे पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शुरु होगा, जो शाम 7.02 तक रहेगा। इस दौरान पूजा करना और कथा का श्रवण करना श्रेष्ठ है। पंडितों के अनुसार पूजा के लिए शाम के समय आप चौकी स्थापित कर लाल रंग का वस्त बिछाएं, फिर उस पर माता की तस्वीर रखें और दीप जलाएं। वहीं पर एक करवा चावल भरकर उसे दक्षिणा के रुप में रखना चाहिए। इसके बाद पूजन की विधि संपन्न करें। रात्रि में चंद्र दर्शन कर अध्र्य दें और पति का चेहरा छलनी से देखें और उनके हाथ से पानी पीकर व्रत का पारणा करें।
शुभ योग और नक्षत्र