शराब का नशा, कहासुनी के बाद झगड़ा। गुस्से में दो जनों ने डम्पर से कुचलकर पांच जनों की जान ले ली। होलिका दहन से एक रात पहले पगारिया थाना इलाके की बिनायगा गांव में इस खूनी होली में मृतक और हमलावर दोनों ही एक ही गांव में रहते है
बिनायका गांव में कहासुनी के बाद खेली खून की होली
डम्पर से कुचलकर हत्या, दोनों अभियुक्त गिरफ्तार
शराब का नशा, कहासुनी के बाद झगड़ा। गुस्से में दो जनों ने डम्पर से कुचलकर पांच जनों की जान ले ली। होलिका दहन से एक रात पहले पगारिया थाना इलाके की बिनायगा गांव में इस खूनी होली में मृतक और हमलावर दोनों ही एक ही गांव में रहते है। पांचों मृतक कहासुनी और झगड़े के बाद आरोपी पक्ष की शिकायत दर्ज कराने के लिए शनिवार देर रात दो मोटरसाइकिल पर बैठकर पगारिया थाने जा रहे थे। उनके पीछा कर रहे आरोपी पक्ष के दो जनों ने रास्ते में पांचों को डम्पर से कुचल दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद बिनायका गांव में कोहराम मच गया।
जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने मौके पर जाकर परिजनों को ढांढस बंधाया और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनाई। पुलिस ने दो अभियुक्तों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी।
जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बिनायका गांव में भारत सिंह और रणजीत सिंह के परिवार में पुरानी रंजिश चल रही है। रणजीत सिंह रावतभाटा में किसी का डम्पर चलाता है। रणजीत सिंह के पास उसका भांजा गंगधार निवासी राधेश्याम रहता है। उसके खिलाफ दो साल पहले दो थानों में एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज हुआ था। इस मामले में राधेश्याम फरार है। रणजीत सिंह और उसके परिजनों को संदेह था कि राधेश्याम के खिलाफभारत सिंह और उसके परिजनों ने मुखबिरी की थी। इस बात को लेकर पहले भी दोनों पक्षों की आपस में कहासुनी हो गई थी।
ढाबे पर हुई आपस में विवाद
गत 23 जनवरी की रात रणजीत सिंह और उसके साथी डूंगर सिंह होली मनाने के लिए रावतभाटा से बिनायगा लौटे थे। दोनों ने शराब पी रखी थी। वे हाइवे पर एक ढाबे पर खाना खाने गए थे। इस ढाबे के सामने भारत सिंह की भी चाय-किराने की दुकान है। वहां रणजीत सिंह की भारत सिंह से कहासुनी और झगड़ा हो गया। इस पर भारत सिंह ने फोन करके अपने पिता, भाई और अन्य परिजनों को बुला लिया। उनकी भी रणजीत सिंह से कहासुनी हो गई। इसके बाद रात करीब 12 बजे भारत सिंह [2०], उसका भाई धीरप सिंह [22], उनके परिजन गोर्वधन सिंह [42], तूफान सिंह [32] और बालू सिंह [25] दो मोटरसाइकिलों पर रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए पगारिया थाने के लिए रवाना हुए।
चाबी छीनकर डम्पर पीछे दौड़ा दिया
उन्हें थाने जाता देखकर रणजीत सिंह ने ढाबे पर खाना खा रहे गोपाल सिंह से उसके डम्पर की चाबी छीन ली और डूंगर सिंह को अपने साथ बिठाकर मोटरसाइकिल के पीछे डम्पर दौड़ा दिया। करीब 300 मीटर आगे जाने के बाद रणजीत ने दोनों मोटरसाइकिल सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से पांचों रोड पर उछलकर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद रणजीत और डूंगर सिंह डम्पर छोड़कर भाग गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पांचों शवों को आवर अस्पताल पहुंचाया। यहां रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
हाइवे पर जाम लगाया
पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गांव जा रहे ग्रामीणों ने भवानी मंडी रोड पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक जाम के बाद जिला पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंची। उन्होंने लोगों को समझाया। तोमर मृतकों के परिजनों से मिली। मृतकों के महिला परिजन जिला पुलिस अधीक्षक के गले लगकर रो पड़े। जिला पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को ढांढस बंधाया।
गांव में पसरा मातम, चूल्हे नहीं जले
होली के दिन गांव के चार जनों की हत्या से पूरा गांव सिहर उठा। पूरे गांव में मातम पसर गया। गांव में दो दिन तक घरों में चूल्हे नहीं जले। मृतकों में भरत, धीरप और उसके काका गोर्वधन सिंह और उनका मित्र तूफान सिंह बिनायगा के ही थे, जबकि पांचवा मृतक बालू सिंह भारत सिंह का भांजा था। चार मृतकों का बिनायगा गांव में ही अंतिम संस्कार हुआ, जबकि बालू सिंह का उसके गांव हरनावदा में किया गया। बिनायगा गांव में जब एक साथ चार अर्थियां उठी तो पूरा गांव रो पड़ा। चारों का अंतिम संस्कार एक ही जगह पर किया गया। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की आंखें नम हो गई।
पुलिसकर्मियों ने नहीं खेली होली
बिनायगा गांव में पांच जनों की हत्या से दुखी झालावाड़ पुलिस ने मंगलवार को होली नहीं खेली। कानून व्यवस्था की ड्यूटी के कारण पूरे प्रदेश में पुलिसकर्मी धुलण्डी के अगले दिन होली खेलते है, लेकिन पुलिस अधीक्षक की अपील पर झालावाड़ जिले में कहीं पर भी मंगलवार को पुलिसकर्मियों ने होली नहीं खेली।