मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुरुवार को कोटा जिले में बाढ़ से हुए नुकसान का दौराकर जायजा लेंगे
जयपुर. झालावाड़. राजस्थान में भारी बारिश का दौर फिलहाल थम गया है। मौसम विभाग के अनुसार 27 अगस्त तक राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। बंगाल की खाड़ी से आया नया सिस्टम आगे निकल चुका है। इसके चलते आगामी चार-पांच दिन बारिश की गतिविधियां कम रहेगी। उधर झालावाड़ शहर में रातभर बारिश की झड़ी लगी रही। गुरुवार को भी बादल छाए हुए हैं। बाढ़ के कारण झालावाड़ जिले में 25 और 26 अगस्त को भी जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूल बंद रहेंगे। जिला कलक्टर ने इस संबंध में पहले ही आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुरुवार को कोटा जिले में बाढ़ से हुए नुकसान का दौराकर जायजा लेंगे। इस दौरान यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, जिले के प्रभारी मंत्री परसादी लाल मीणा भी साथ रहेंगे।
गेहूं घुघरी हो गए, टीवी-फ्रिज खराब
झालावाड़. कालीङ्क्षसध नदी के उफान से बाढ़ की चपेट में आए झालावाड़ शहर में भारी नुकसान हुआ है। घरों में चार-पांच फीट पानी भरने से घरेलू सामान भीग जाने से खराब हो गया है। किसी के अनाज भीग गया तो किसी के टीवी-फ्रिज व अन्य घरेलू सामान खराब हो गए। पानी बढ़ता देखकर लोगों ने छतों पर जैसे-तैसे रात बिताई और बुधवार सुबह जैसे ही पानी उतार पर आया तो लोग घरों में आए तो नुकसान देखकर सन्न रह गए। दिनभर महिलाएं, बच्चे, पुरुष घरों की सार संभाल में जुटे रहे। बाढग़्रस्त क्षेत्र में करोड़ों का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने नुकसान का अभी तक कोई सर्वे नहीं किया है। शहर के कई इलाकों में अभी भी विद्युत आपूर्ति बंद पड़ी है।
पत्रिका टीम ने बुधवार को शहर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया तो तबाही का मंजर साफ नजर आ रहा था। टीम ने देखा तो लोगों के घरों में ग्रांउड फ्लोर पर रखे इलेक्ट्रोनिक सामान व फर्नीचर पूरी तरह से खराब हो गए हैं। गेहूं की बोरियां दस-बारह घण्टे पानी में रहने से घुघरी बन गई। रसोई के सभी सामान खराब हो गए। रसोई में रखा आटा भी गीला हो गया। ऐसे में लोगों ने खाने की इधर-उधर से भोजन के पैकिट मंगवाकर व्यवस्था की। मंगलवार को लोगों के घरों में कहीं छह फीट तो कहीं आठ फीट तक कालीङ्क्षसध नदी की बाढ़ का पानी भरा हुआ था। लोगों ने बताया कि पूरी रात आंखों में निकली। रातभर सोए नहीं, घरों में पानी के साथ सांप, डेंढू निकल रहे थे। बच्चों के साथ पूरी रात घर की दूसरी मंजिल पर निकाली।
स्मार्ट मीटर हो गए खराब
बृजनगर स्थित स्मार्ट मीटर कंपनी के कार्यालय में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रोजेक्ट इंजीनियर शंकर कुमार ने बताया कि एक मीटर की कीमत करीब 4500 रुपए होती है, यहां करीब 700 मीटर रखे हैं, ये इलेक्ट्रॉनिक सामान है कई मीटर खराब हो चुके हैं।
रातभर छत पर रहे
राजलक्ष्मी कॉलोनी निवासी दिव्या श्रीवास्तव ने बताया कि हालात ऐसे थे कि डर लग रहा था, कहीं पानी छत पर नहीं आ जाएं, बड़ी मुश्किल से रात निकाली। सुबह हुई जब पानी उतर गया तो जान में जान आई। रातभर हनुमान चालिसा का पाठ करते रहें। घर के टीवी, फ्रिजव कपड़े,बिस्तर आदि खराब हो गए।
लाखों रुपए का नुकसान, हर पल मुश्किल
सय्यद अहमद ने बताया कि घर का पूरा सामान खराब हो चुका है। रसोई का फर्नीचर, सोफे, टीवी फ्रीज आदि खराब हो गए, गेहूं आदि भी खराब हो गया। लाखों रुपए का नुकसान हुआ। रोड पर 12 बजे 6 फीट पानी था, घरों में पांच छह फीट पानी था, रात को करीब दो बजे रोड पर 8-10 फीट पानी था। तसलीम ने बताया कि पूरी रात छत पर निकली, सभी लोग छतों पर ही थे, हम भी कहीं नहीं गए। हमारे सामने वालों को रस्सी की सहायता से सामान पहुंचाए।