प्रदेश के प्रत्येक जिले में 2.2 लाख रुपएकी आगत से लव-कुश वाटिया विकसित की जाएगी
झालावाड़, जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में इको.टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में लव.कुश वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाटिकाओं में वन एवं वन्यजीवों से संबंधित मॉडल स्थापित करें, जिनसे बच्चों को पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण की शिक्षा मिल सकें।
गहलोत मुख्यमंत्री निवास पर वन विभाग की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधे वितरित करने की योजना बहुत अच्छी है, इनका दायरा बढ़ाने की आवश्यकता है। भविष्य में औषधीय के साथ फलदार पौधों का भी वितरण किया जाए। उन्होंने वन अधिकारी.कर्मचारियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपका कार्य चुनौतिपूर्ण और रोचक है।
दिए निर्देश
सीएम कहा कि राज्य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण में पर्यावरण मंजूरी के प्रकरणों का समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ निस्तारण किया जाए, ताकि आवेदकों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि आवेदकों को उनके उद्योग स्थापित करने और अन्य कार्यों के लिए नियमानुसार स्वीकृतियां मिलें। उन्होंने वन संरक्षण अधिनियम में लंबित प्रकरणों को भी जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए।
वन्यजीवों से छेड़छाड की घटनाओं को रोकें
मुख्यमंत्री ने सभी घोषणाओं को समय पर सुनियोजित तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वन क्षेत्र में वन्यजीवों से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही अभ्यारण्य घूमने आने वाले पर्यटकों को वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक भी करें। उन्होंने चूरू के तालछापर अभ्यारण्य में वन्यजीव प्रबंधन प्रशिक्षण केंद्र की प्रगतिए चंबल घडिय़ाल अभ्यारण्य को पर्यटन दृष्टि से विकसित किए जाने के निर्देश दिए। वन एवं पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा कि विभाग द्वारा बजट घोषणाओं को समय पर पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।