- फिर क्या था, चंद घण्टों में सीआई को हटा दिया
कोटा, झालावाड़। गहलोत सरकार के नम्बर टू मंत्री माने जाने वाले यूडीएच मंत्री ने रविवार को राजस्थान के डीजीपी को फोन लगाया और बोले कोटा का ट्रैफिक सीआई एसपी के आदेश की भी पालना नहीं करता है। एसपी ने मुझे बताया कि सीआई उनकी बात नहीं मानता है..., आप सीआई का मामला दिखवाएं, उसे हटवाएं... और कोटा में गली-मोहल्ल्लों में चालान नहीं बनाने के लिए पाबंद करें। गहलोत सरकार के सबसे पावरफुल मंत्री का उलहाना सुनने के तत्काल बाद पीएचक्यू हरकत में आया। शाम होने से पहले सीआई के साथ यातायात थाने के अन्य पुलिस कर्मियों की रवानी कर दी गई।
ऐसे हुआ एक्शन
यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने यातायात पुलिसकर्मियों की शिकायतों से परेशान होकर डीजीपी व एसपी से बात की और यातायात सीआई राजेन्द्र कविया को यातायात पुलिस से हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद एसपी ने कविया को हटा दिया। शहर में यातायात पुलिसकर्मियों के चालान बनाने की शिकायत पर पहले भी धारीवाल ने एसपी से गली मोहल्लों में चालाना काटना बंद करने व दुर्घटनाग्रस्त स्थलों व मुख्य चोराहों पर ही चालान काटने नाराजगी जता चुके है। लेकिन इसके बावजूद यातायात पुलिस की ओर से लगातार वाहनों की चैकिंग व चालान बनाने की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया।
सीआई जहां से आए थे वहीं भेज दिया
एसपी केसर सिंह शेखावत ने आदेश जारी कर 2 यातायात पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण व बोरखेड़ा थाने के हैडकांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया। आदेश में यातायात सीआई राजेन्द्र कविया को पुन: मानव तस्करी यूनिट और पुलिस लाइन से घनश्याम मीणा को यातायात सीआई लगाया गया है। यातायात थाने के एसआई चन्द्रभान को नयापुरा थाना व एमओबी से नयापुरा थाना स्थानान्तरणाधीन एसआई अब्दुल साजिद को यातायात थाना लगाया गया है। वहीं बोरखेड़ा थाने के हैडकांस्टेबल अब्दुल हनीफ को लाइन हाजिर कर दिया गया।