-कर्ज में डूबे और सट्टे की लत ने तबाह किया परिवार-भवानीमंडी में फांसी की सजा का पहला मामला
झालावाड़/भवानीमंडी.भवानीमंडी एडीजे कोर्ट ने बुधवार को दिए अपने एक ऐतिहासिक फैसले में पत्नी, एक बेटे व दो बेटियों की जहर देकर मारने के मामले में हत्यारे पति को फांसी की सजाई सुनाई। एडीजे डॉ. प्रभात कुमार अग्रवाल ने आरोपी पति को उसके प्राणांत होने तक फांसी पर लटकाने की सजा सुना दी। क्षेत्र में इस तरह की सजा का ये पहला मामला है।
लोक अभियोजक लोकेश गुप्ता ने बताया कि सुनेल पुलिस थाना क्षेत्र के ढाबला खींची गांव निवासी आरोपी शाकिर पुत्र रमजानी ने 8 अक्टूबर 2019 को दशहरा की रात को पत्नी जाहिदा(४०) पुत्री मुस्कान (14), अल्फिया (१2) बेटे अल्फेज(10) को खाने में जहर देकर गला घोंटकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद वह फरार हो गया थाए जिसे 14 नवम्बर 2019 को पुलिस ने कोटा के एमबीबीएस अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया था। बुधवार को एडीजे ने हत्यारे शाकिर को फांसी की सजा सुनाई।
कर्ज के चलते उजाड़ दिया था परिवार-
मुजरिम पर करीब सात लाख रुपए का कर्ज चढ़ा हुआ था। वह सट्टे का भी शौकीन था। घर में कलह और बाजार में रुपए के तकाजे के गुस्से में आकर उसने अपना ही घर उजाड़ दिया था। शाकिर ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने अपना मकान गिरवी रखा था और लंबे समय से कर्ज के चलते आर्थिक तंगी से परेशान था। वह कर्ज चुकाने के लिए मकान बेचना चाहता था लेकिन परिवार वाले इसके लिए राजी नहीं थे। इसी से वह मानसिक अवसाद का शिकार था और हत्याकांड को अंजाम दे दिया।